गुना के धरनावदा गांव में मंगलवार को एक कुएं में गिरे बछड़े को निकालने के लिए नीचे उतरे छह युवकों में से पांच जनों की जहरीली गैस से मौत हो गई जबकि एक युवक किसी तरह बाहर आ गया। यह कुआं अनिल भदौरिया नाम के किसान के खेत में बना था। हादसे के बाद मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई।
सूचना के बाद मौके पर SDERF और GAIL की CISF यूनिट पहुंची। रेस्क्यू टीम ऑक्सीजन सिलेंडर लेकर कुएं में उतरी। एक–एक कर पांचों को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया। जहां डॉक्टर्स ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
आम तोड़ने पहुंचे थे, बछड़ा कुएं में गिरा
जानकारी के अनुसार खेत में आम के पेड़ हैं। इन पेड़ों से आम तोड़ने का ठेका गांव के ही दो लोगों को दिया गया था। मंगलवार सुबह तीन लोग आम तोड़ने पहुंचे थे। तभी वहां एक बछड़ा आ गया। उन्होंने उसे भगाया, लेकिन वह भागते हुए सीधे कुएं में गिर पड़ा। जिसे बाहर निकालने के लिए ये छह लोग नीचे उतरे थे। इनमें से सिद्धार्थ सहरिया (25), गुरुदयाल ओझा (40), शिवचरण साहू (40), साेनू कुशवाह (28) और मन्नू कुशवाह (35) शामिल हैं। जबकि एकमात्र पवन कुशवाह किसी तरह खुद को संभाल कर ऊपर आ गया।
गांव वालों ने कलेक्टर का घेराव किया
हादसे के बाद गांव में गुस्सा भी भड़क उठा। ग्रामीणों का आरोप था कि प्रशासन की टीम करीब दो घंटे बाद पहुंची। जिससे लोगों की जिंदगी नहीं बचाई जा सकी। ग्रामीणों ने कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल की गाड़ी को घेर लिया। बोले—हम गांव वाले पहले पहुंच गए, पुलिस-एंबुलेंस समय पर क्यों नहीं पहुंची? दो लोगों को प्राइवेट एंबुलेंस से अस्पताल ले जाना पड़ा।
प्रत्यक्षदर्शी बोले– समय होता, तो बचा लेते
गांव के ही अंशुराज जैन ने बताया कि पूरा घटनाक्रम करीब दो घंटे चला। उनमें से एक घंटा ऐसा था जब शायद किसी जान को बचाया जा सकता था। बोले– हमने अपनी आंखों से लोगों को कुएं में उतरते, चिल्लाते, बेहोश होते देखा। आवाजें आईं– “बचाओ, बचाओ”, लेकिन कोई व्यवस्था नहीं थी। कुछ लोग कोशिश में नीचे भी गए, पर जैसे ही नीचे पहुंचे, उन्हें भी सांस लेने में दिक्कत होने लगी और उन्हें ऊपर खींचना पड़ा।
कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल ने बताया कि संभवत: कुएं में कार्बन मोनो ऑक्साइड गैस का रिसाव हुआ है हालाकि जांच के बाद ही मामले की हकीकत सामने आ सकेगी।

