गुरुग्राम के मानेसर से निर्दलीय मेयर बनीं डॉ. इंद्रजीत यादव ने सोमवार को कैबिनेट मंत्री राव नरबीर पर खुलकर निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि मंत्री उनके चुनाव को हजम नहीं कर पा रहे हैं और किसी भी तरीके से उन्हें बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं।
हयातपुर गांव में ग्रामीणों की पंचायत को संबोधित करते हुए मेयर भावुक हो गईं और आंखों से आंसू बहने लगे। उन्होंने कहा कि उनके पति राकेश यादव को जानबूझकर एक झूठी एफआईआर में फंसाया जा रहा है।
पार्षद के परिजन पर हमले का मामला
घटना की शुरुआत पार्षद दयाराम के चचेरे भाई पर हुए हमले से हुई, जिसमें पुलिस ने मेयर के पति राकेश यादव का नाम एफआईआर में दर्ज किया। डॉ. इंद्रजीत ने इस पर सवाल उठाया कि जिस वक्त वारदात हुई, उस समय राकेश उनके साथ थे।
पुलिस ने दी थी नोटिस, समर्थक जुटे
पुलिस ने राकेश को पूछताछ के लिए थाने बुलाने के लिए नोटिस दिया था। लेकिन जब वह नहीं पहुंचे तो पुलिस टीम उनके घर पहुंची। इस दौरान बड़ी संख्या में मेयर के समर्थक इकट्ठा हो गए। बाद में अंबेडकर भवन में पंचायत बुलाई गई।
कैबिनेट मंत्री पर दबाव बनाने का आरोप
पंचायत में डॉ. इंद्रजीत ने कहा कि राव नरबीर पहले भी ऐसा कर चुके हैं और इस बार भी उनके पति के खिलाफ झूठा मुकदमा दर्ज कराया गया है। उन्होंने कहा, “मेरे निर्दलीय मेयर बनने से वे बौखलाए हुए हैं और मेरे चुनाव को रद्द करवाने की कोशिश में लगे हैं।”
ग्रामीणों ने दिया साथ, लगाए नारे
गांव के लोगों ने मेयर के साथ समर्थन में जोरदार नारे लगाए और उनके संघर्ष में कंधे से कंधा मिलाकर साथ देने का वादा किया। मेयर ने पंचायत में मौजूद लोगों से अपील की कि वे झूठ और दबाव की राजनीति के खिलाफ एकजुट रहें।

