शनिवार, मई 2, 2026
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क्या है ‘I Love Muhammad’ विवाद? कई राज्यों में जुलूस और टकराव

उत्तर प्रदेश के कानपुर से उठे ‘I Love Muhammad’ विवाद ने अब कई राज्यों में माहौल गरमा दिया है। मुस्लिम समाज जगह-जगह जुलूस निकालकर विरोध दर्ज कर रहा है। कानपुर में बारावफात के दौरान लगाए गए ‘I Love Muhammad’ बैनर को लेकर हिंदू और मुस्लिम पक्ष आमने-सामने आ गए थे। पुलिस ने दोनों पक्षों के बीच समझौता करवाया, लेकिन बाद में दर्ज हुई FIR ने पूरे मामले को बड़ा रूप दे दिया। इसके बाद AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के बयान से मामला और भड़क गया और देखते ही देखते देशभर में ‘I Love Muhammad’ ट्रेंड करने लगा।

कानपुर में कैसे शुरू हुआ विवाद?

कानपुर में 5 सितंबर को बारावफात के जुलूस के दौरान रावतपुर इलाके में ‘I Love Muhammad’ का बोर्ड लगाया गया। इस पर हिंदू पक्ष ने आपत्ति जताते हुए कहा कि यह नई परंपरा की शुरुआत है। मामला बढ़ता उससे पहले पुलिस ने हस्तक्षेप किया और दोनों पक्षों में समझौता कराया। पुलिस का कहना था कि जुलूस में किसी तरह की नई परंपरा नहीं जोड़ी जा सकती। हालांकि, इसके बाद भी विवाद खत्म नहीं हुआ और आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया, जिसने बाद में बड़े बवाल का रूप ले लिया।

पुलिस की कार्रवाई और दर्ज हुई FIR

शुरुआत में मामला शांत लग रहा था, लेकिन 9 सितंबर को पुलिस ने करीब दो दर्जन लोगों के खिलाफ FIR दर्ज कर दी। आरोप था कि नई परंपरा डालकर सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश की गई। इसमें 9 नामजद और 15 अज्ञात लोगों के खिलाफ केस लिखा गया। पुलिस ने स्पष्ट किया कि FIR बैनर लगाने पर नहीं बल्कि परंपरागत मार्ग छोड़कर नए स्थान पर जुलूस और दूसरे समुदाय के पोस्टर फाड़ने के आरोप में दर्ज हुई है। इसके बाद माहौल और गरमाता चला गया और जुलूस का सिलसिला देशभर में फैल गया।

ओवैसी के बयान के बाद गरमाया मामला

15 सितंबर को AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने सोशल मीडिया पोस्ट कर कहा कि ‘I Love Muhammad’ कहना कोई अपराध नहीं है। उन्होंने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए लिखा कि अगर यह जुर्म है तो वे हर सजा मंजूर करने को तैयार हैं। ओवैसी की पोस्ट के बाद मामला और तूल पकड़ गया। सोशल मीडिया पर #ILoveMuhammad ट्रेंड करने लगा और कई राज्यों में मुस्लिम समाज ने जुलूस निकालकर प्रदर्शन किया। इस दौरान जगह-जगह पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव भी देखने को मिला।

अलग-अलग शहरों में प्रदर्शन और तनाव

उत्तर प्रदेश के उन्नाव, लखनऊ, बरेली, कौशांबी, महाराजगंज से लेकर उत्तराखंड के काशीपुर और तेलंगाना के हैदराबाद तक मुस्लिम समाज सड़कों पर उतरा। उन्नाव में जुलूस के दौरान पथराव हुआ और पुलिस की गाड़ियों को निशाना बनाया गया। कौशांबी में ‘सर तन से जुदा’ जैसे नारे लगे, जिसके बाद कई लोगों को हिरासत में लिया गया। लखनऊ में विधान भवन गेट नंबर 4 पर महिलाओं ने ‘I Love Muhammad’ की तख्तियां लेकर नारे लगाए। प्रदर्शन में समाजसेवी सुमैया राणा भी शामिल हुईं।

राजनीतिक दलों की प्रतिक्रिया और धार्मिक संगठनों का पक्ष

सपा प्रवक्ता ने इसे पूरी तरह पुलिस की नाकामी बताया और कहा कि हर किसी को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता होनी चाहिए। वहीं भाजपा प्रवक्ता ने साफ कहा कि अगर कोई पुलिस की वर्दी को हाथ लगाएगा या कानून तोड़ेगा तो कार्रवाई तय है। दरगाह आला हजरत के संगठन ने FIR को संविधान विरोधी करार दिया, जबकि सूफी फोरम ने इसे समाज में नफरत फैलाने की साजिश बताया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि ‘I Love Muhammad’ केवल पैगंबर मोहम्मद के प्रति सम्मान और प्रेम का प्रतीक है, जिसे रोकना गलत है।

 Nationalbreaking.com । नेशनल ब्रेकिंग - सबसे सटीक
  1. कानपुर में बारावफात जुलूस के दौरान ‘I Love Muhammad’ बोर्ड लगाने पर विवाद शुरू हुआ।
  2. पुलिस ने पहले समझौता कराया, बाद में 24 से ज्यादा लोगों पर FIR दर्ज की।
  3. ओवैसी के बयान और सोशल मीडिया ट्रेंड के बाद मामला देशभर में फैल गया।
  4. उन्नाव, लखनऊ, कौशांबी समेत कई जगह जुलूस और टकराव हुए, पुलिस ने कार्रवाई की।
  5. सपा और भाजपा आमने-सामने आए, जबकि धार्मिक संगठनों ने FIR को गलत बताया।
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