सोमवार, मार्च 16, 2026
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जॉली एलएलबी 3 रिव्यू: किसानों की लड़ाई, कोर्टरूम का धमाल और अक्षय-अरशद की जोरदार जुगलबंदी

जॉली एलएलबी 3 रिलीज हो चुकी है और इस बार अक्षय कुमार और अरशद वारसी आमने-सामने दिखाई देते हैं। फिल्म किसानों की पीड़ा, समाज की कड़वी सच्चाई और कोर्टरूम की तकरार को दर्शाती है। निर्देशक सुभाष कपूर ने तीसरे पार्ट को भावनाओं और व्यंग्य से भर दिया है। फिल्म का दिल किसानों का संघर्ष है और दिमाग जॉली की जुगलबंदी। सौरभ शुक्ला और सीमा बिस्वास जैसे कलाकारों ने कहानी को गहराई दी है। हालांकि कोर्टरूम ड्रामा कम है, लेकिन हास्य और इमोशन से भरपूर यह फिल्म दर्शकों को बांधकर रखती है।

जॉली की कहानी

फिल्म की शुरुआत अक्षय कुमार और अरशद वारसी के जॉली किरदारों के टकराव से होती है। पहला जॉली यानी जगदीश त्यागी, मेरठ से निकलकर दिल्ली तक पहुंचा, लेकिन अब भी बेहद सादगी से जीता है। वहीं, दूसरा जॉली यानी जगदीश्वर मिश्रा, कानपुर से आकर दिल्ली की कोर्ट में जम चुका है। दोनों के बीच प्रतिस्पर्धा और चुटकी भरे संवाद कहानी को रोचक बनाते हैं। ये भिड़ंत तब और अहम हो जाती है जब दोनों किसानों की जमीनी लड़ाई में एक साथ खड़े होते हैं।

किसान की पीड़ा

कहानी असली मोड़ तब लेती है जब जानकी देवी, यानी सीमा बिस्वास, इंसाफ के लिए कोर्ट पहुंचती हैं। उनके पति और बहू ने जमीन छिन जाने के कारण आत्महत्या कर ली थी। जमीन हड़पने वाला व्यापारी हरीभाई खेतान, गजराज राव के रूप में दिखाया गया है। उनका ‘बिकानेर टू बॉस्टन’ सपना किसानों के दुख को और गहरा कर देता है। फिल्म दिखाती है कि कैसे बड़े सपनों की आड़ में आम लोगों की जमीन छिनी जाती है। यह हिस्सा दर्शकों को भीतर तक झकझोर देता है।

फिल्म का ट्रीटमेंट

निर्देशक सुभाष कपूर ने फिल्म को व्यंग्य और संवेदना से सजाया है। अक्षय और अरशद की केमिस्ट्री दर्शकों को खूब हंसाती है और इमोशनल भी करती है। सौरभ शुक्ला की जज की भूमिका इस बार और मजेदार है, जिन्हें देखकर पुराने जॉली एलएलबी की याद ताजा हो जाती है। सीमा बिस्वास का साइलेंट सीन फिल्म का सबसे भावुक पल है। साथ ही हुमा कुरैशी और अमृता राव अपने-अपने किरदार में बखूबी फिट बैठती हैं।

कोर्टरूम ड्रामा की कमी

फिल्म का सबसे कमजोर हिस्सा कोर्टरूम ड्रामा की कमी है। पहले आधे हिस्से में कहानी की बुनाई में वक्त ज्यादा लिया गया है, जिससे दर्शक कोर्ट की सुनवाई को मिस करते हैं। हालांकि, दूसरे हिस्से में वकीलों के मोनोलॉग और टकराव आते हैं, जो फिल्म को रोमांचक बनाते हैं। यहां अक्षय-अरशद की जोड़ी और सौरभ शुक्ला का अभिनय इसे मजबूती देता है।

सीख और संदेश

फिल्म मनोरंजन के साथ-साथ एक गंभीर संदेश भी देती है। यह बच्चों की शिक्षा में कृषि और किसानों के संघर्ष को शामिल करने की बात करती है। गाने जबरदस्ती नहीं डाले गए और डायलॉग्स चुटीले हैं, जिन्हें सुनकर दर्शक तालियां बजाते हैं। कुल मिलाकर, यह फिल्म परिवार संग देखने लायक है, जो भावनाओं और हास्य का संतुलन बनाए रखती है।

 Nationalbreaking.com । नेशनल ब्रेकिंग - सबसे सटीक
  1. जॉली एलएलबी 3 में अक्षय कुमार और अरशद वारसी आमने-सामने आते हैं।
  2. फिल्म की कहानी किसानों की जमीन छिन जाने की पीड़ा पर आधारित है।
  3. सीमा बिस्वास और गजराज राव ने गहरी छाप छोड़ी है।
  4. कोर्टरूम ड्रामा की कमी है, लेकिन अभिनय और हास्य फिल्म को संभालते हैं।
  5. फिल्म भावनाओं और व्यंग्य से भरपूर है और देखने लायक है।
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