भारत और अमेरिका के बीच मंगलवार को 7 घंटे तक चली लंबी बातचीत ने व्यापार समझौते की दिशा में नई उम्मीदें जगा दी हैं. दिल्ली में हुई इस बैठक में दोनों देशों के प्रतिनिधियों ने टैरिफ और व्यापार तनाव जैसे अहम मुद्दों पर गहराई से चर्चा की. भारत की ओर से एडिशनल सेक्रेटरी राजेश अग्रवाल और अमेरिका की ओर से चीफ नेगोशिएटर ब्रेंडन लिंच मौजूद रहे. बैठक में यह तय हुआ कि दोनों पक्ष जल्द ही अगली बैठक करेंगे ताकि व्यापार समझौते (BTA) को जल्द से जल्द पूरा किया जा सके.
बैठक का माहौल
दिल्ली में मंगलवार को भारत और अमेरिका के बीच हुई इस बैठक को बेहद अहम माना जा रहा है. वाणिज्य मंत्रालय के मुताबिक, दोनों देशों ने व्यापार समझौते को जल्द से जल्द अंतिम रूप देने पर सहमति जताई. यह बैठक करीब 7 घंटे तक चली और इसमें कई जटिल मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई. इस दौरान प्रतिनिधियों ने खुलकर अपने-अपने पक्ष रखे और समाधान की दिशा में सकारात्मक रवैया अपनाया. बैठक एक दिन की थी और इसके बाद अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल वापस लौट गया.
भारत की मांगें
भारत की ओर से लगातार टैरिफ का मुद्दा उठाया जाता रहा है. इस बैठक में भी भारत ने अमेरिकी बाजार में अपने छोटे और मध्यम उद्योगों के लिए अधिक अवसर की मांग की. भारत चाहता है कि अमेरिका व्यापार नियमों को सरल बनाए ताकि घरेलू उद्योगों को प्रतिस्पर्धा में बढ़ावा मिल सके. भारत का जोर इस बात पर भी रहा कि टैरिफ की वजह से द्विपक्षीय व्यापार पर असर न पड़े और दोनों देशों के रिश्ते मजबूत हों.
अमेरिका की प्राथमिकताएं
अमेरिका की तरफ से मुख्य रूप से एग्रीकल्चर और डेयरी सेक्टर को भारत के बाजार में प्रवेश दिलाने की कोशिश रही. अमेरिकी प्रतिनिधियों ने इस बैठक में भारत से इन क्षेत्रों में अधिक खुलेपन की मांग की होगी. अमेरिका लंबे समय से चाहता है कि उसके डेयरी और कृषि उत्पाद भारत में बिना ज्यादा बाधा के बेचे जा सकें. इसको लेकर वह लगातार भारत पर दबाव बना रहा है और इस बैठक में भी इस विषय पर चर्चा होना तय था.
प्रतिनिधिमंडल की भूमिका
इस बैठक में अमेरिकी टीम का नेतृत्व ब्रेंडन लिंच ने किया जबकि भारत की ओर से एडिशनल सेक्रेटरी राजेश अग्रवाल मौजूद थे. दोनों पक्षों ने कई अहम मुद्दों पर सहमति की दिशा में चर्चा की. बैठक का मकसद केवल मतभेदों को कम करना ही नहीं था, बल्कि आगे के लिए ठोस रोडमैप तैयार करना भी था. वाणिज्य मंत्रालय की ओर से जारी बयान में इसे सकारात्मक और दूरगामी चर्चा बताया गया.
हालिया रिश्ते और पृष्ठभूमि
भारत और अमेरिका के बीच पिछले कुछ समय से टैरिफ को लेकर तनाव देखा गया था. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में पीएम मोदी को अपना करीबी दोस्त बताया था और मुलाकात की इच्छा जताई थी. इसके जवाब में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी सकारात्मक प्रतिक्रिया दी थी. इन संदेशों ने दोनों देशों के बीच रिश्तों को नया मोड़ दिया. इसी पृष्ठभूमि में हुई यह बैठक भविष्य की व्यापारिक साझेदारी को मजबूत करने का प्रयास मानी जा रही है.

- भारत और अमेरिका के बीच दिल्ली में 7 घंटे लंबी बैठक हुई.
- दोनों देशों ने व्यापार समझौते (BTA) को जल्द पूरा करने पर सहमति जताई.
- भारत ने टैरिफ और छोटे उद्योगों को बढ़ावा देने का मुद्दा उठाया.
- अमेरिका ने एग्रीकल्चर और डेयरी उत्पादों के लिए भारत में प्रवेश की मांग की.
- बैठक को सकारात्मक बताते हुए अगली बैठक जल्द करने का फैसला लिया गया.

