घरेलू शेयर बाजार ने मंगलवार, 1 जुलाई 2025 को कारोबारी सप्ताह के दूसरे दिन सकारात्मक शुरुआत की। भारत और अमेरिका के संभावित व्यापार समझौते को लेकर बन रहे भरोसे ने निवेशकों के मनोबल को मजबूती दी, जिससे प्रमुख सूचकांक बढ़त के साथ खुले। सुबह 9:30 बजे बीएसई सेंसेक्स 186.04 अंकों की छलांग के साथ 83,792.50 पर कारोबार कर रहा था, जो थोड़ी ही देर में 220 अंक तक उछल गया। एनएसई का निफ्टी-50 भी 56.35 अंकों की बढ़त के साथ 25,573.40 पर खुला।
एशियन पेंट्स, अडानी, डॉ. रेड्डी टॉप गेनर्स
दिन की शुरुआत में एशियन पेंट्स में करीब 2% की तेजी देखी गई। बाजार के अन्य टॉप परफॉर्मर में अडानी एंटरप्राइजेज, एचसीएल टेक्नोलॉजीज, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, अपोलो हॉस्पिटल्स, जियो फाइनेंशियल सर्विसेज और डॉक्टर रेड्डीज लैब्स शामिल रहे, जिनमें 2% से लेकर 4% तक की मजबूती आई। ये आंकड़े इस बात के संकेत हैं कि व्यापक स्तर पर सेक्टोरल भागीदारी से बाजार को सपोर्ट मिल रहा है।
अमेरिकी बाजारों में दमदार प्रदर्शन
बाजार की चाल पर अंतरराष्ट्रीय संकेतों का भी अहम असर पड़ा। सोमवार को अमेरिकी शेयर बाजारों में शानदार तेजी देखने को मिली। डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 275.50 अंकों की उछाल के साथ 44,094.77 पर बंद हुआ। एसएंडपी 500 ने 0.52% चढ़कर 6204.95 और नैस्डेक ने 0.47% बढ़त के साथ 20,369.73 का स्तर छुआ।
एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख
एशिया-प्रशांत के प्रमुख बाजारों में मिलाजुला रुझान देखने को मिला। जापान का निक्केई 0.87% और टॉपिक्स 0.52% लुढ़के, जबकि साउथ कोरिया का कोस्पी 1.83% और ऑस्ट्रेलिया का एएसएक्स 200 0.15% ऊपर गया। यह दर्शाता है कि क्षेत्रीय बाजार वैश्विक संकेतों के साथ-साथ अपने घरेलू कारकों से भी प्रभावित हो रहे हैं।
विश्लेषकों की नजर व्यापार समझौते पर
विशेषज्ञों का कहना है कि बीते सप्ताह बाजार को मजबूत वैश्विक संकेतों और घरेलू संस्थागत निवेशकों की खरीदारी से बल मिला था। हालांकि, कुछ हिस्सों में मुनाफावसूली से सूचकांकों पर दबाव भी बना। तापसे का मानना है कि निवेशकों की निगाहें अब भारत-अमेरिका व्यापार समझौते की दिशा पर टिकी हैं, जिसकी समयसीमा नजदीक आ रही है।

