रविवार, मई 3, 2026
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ईरान ने कतर में अमेरिकी एयरबेस पर दागीं मिसाइलें, मिडिल ईस्ट में सैन्य टकराव का खतरा गहराया

मंगलवार की रात मिडिल ईस्ट एक बार फिर धमाकों से गूंज उठा। ईरान ने सीधे कतर की राजधानी दोहा के पास मौजूद अल-उदीद अमेरिकी एयरबेस को निशाना बनाया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान ने वहां 6 मिसाइलें दागीं। यह वही अल-उदीद एयरबेस है जो पूरे मिडिल ईस्ट में अमेरिका का सबसे बड़ा सैन्य अड्डा माना जाता है। यहां 8,000 से 10,000 तक अमेरिकी सैनिक तैनात रहते हैं।

धमाकों की आवाजें दोहा में कई जगहों पर सुनी गईं। हालांकि कतर के डिफेंस मिनिस्ट्री का दावा है कि उनकी एयर डिफेंस यूनिट्स ने सभी मिसाइलों को हवा में ही रोक लिया। कोई जानमाल का नुकसान नहीं हुआ, ऐसा उनका कहना है।

कतर की जवाबी चेतावनी

कतर ने इस हमले के बाद सख्त प्रतिक्रिया दी है। सरकार ने ईरान को साफ शब्दों में कहा है—अगर इस तरह की कार्रवाई दोबारा हुई तो जवाब दिया जाएगा। दिलचस्प बात ये रही कि हमले से कुछ देर पहले ही कतर ने अपना एयरस्पेस बंद कर दिया था, जिससे साफ है कि उन्हें हमले की आशंका थी।

इस बीच, बहरीन और कुवैत ने भी अपनी हवाई सीमाएं बंद कर दी हैं। कुवैत एयरवेज ने सभी फ्लाइट्स कैंसिल कर दी हैं और यात्रियों को अपडेट्स देने शुरू कर दिए हैं।

इराक में भी अमेरिकी बेस पर हमला

ईरान का हमला सिर्फ कतर तक सीमित नहीं रहा। खबर है कि इराक में भी अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया। वहां एक मिसाइल दागी गई, वहीं अल-उदीद बेस की ओर कुल 10 मिसाइलें छोड़ी गईं। दिन की शुरुआत में सीरिया के हसाका प्रांत में भी एक अमेरिकी मिलिट्री बेस पर हमला हुआ था। यानी हमले सुनियोजित और कई जगहों पर एक साथ हुए।

सऊदी अरब ने की कड़ी निंदा

ईरान की इस कार्रवाई की सऊदी अरब ने कड़ी आलोचना की है। उनके विदेश मंत्रालय की तरफ से जारी बयान में कहा गया कि ये हमला अंतरराष्ट्रीय नियमों का खुला उल्लंघन है। सऊदी अरब ने इसे ‘गैर जिम्मेदाराना’ कदम बताया है और कहा है कि वो कतर के साथ खड़ा है।

हालांकि सऊदी ने आगे की रणनीति पर कुछ नहीं कहा है, लेकिन इस बयान से संकेत साफ हैं कि गल्फ देशों में बेचैनी है।

ईरान का दावा– जवाबी हमला था

ईरान की इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने हमले की पुष्टि की है। बयान में कहा गया कि ये अमेरिका की ओर से ईरान के न्यूक्लियर साइट्स पर हुए हमलों का जवाब था। IRGC ने चेतावनी दी है—अगर अमेरिका या उसके सहयोगी देश आगे कोई कार्रवाई करते हैं तो ईरान चुप नहीं बैठेगा।

उनका साफ संदेश है—“हमारी संप्रभुता पर हमला बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”

इजराइली जेट्स की ईरान पर स्ट्राइक

इधर, तनाव के बीच इजराइल भी एक्टिव हो गया है। इजराइली सेना ने जानकारी दी कि उसके करीब 15 फाइटर जेट्स ने पश्चिमी ईरान में कई अहम जगहों को टारगेट किया है। इनमें एक मिसाइल स्टोरेज साइट, ड्रोन यूनिट और अंडरग्राउंड मिलिट्री फैसिलिटी शामिल हैं।

इजराइल ने इसे एक बड़े ऑपरेशन का हिस्सा बताया है। उनका कहना है कि यह सीरियल स्ट्राइक है और इसका मकसद ईरान की हमलावर क्षमता को कमजोर करना है।

पूरे इलाके में हाई अलर्ट

इस पूरे घटनाक्रम के बाद खाड़ी देशों में सैन्य मूवमेंट तेज हो गया है। अमेरिका ने कतर, कुवैत और इराक में मौजूद अपने बेसों को हाई अलर्ट पर रखा है। वहीं यूएई और ओमान भी घटनाक्रम पर नजर रखे हुए हैं।

अब यह देखना बाकी है कि यह टकराव यहीं रुकता है या आगे और किसी बड़े संघर्ष की तरफ बढ़ता है। लेकिन इतना तो तय है कि मिडिल ईस्ट फिर से उबलने लगा है।

खबर की बड़ी बातें

  • ईरान ने कतर की राजधानी दोहा के पास स्थित अल-उदीद अमेरिकी मिलिट्री बेस पर 6 मिसाइलें दागीं, जिससे क्षेत्र में तनाव बढ़ गया।
  • कतर ने अपने एयर डिफेंस सिस्टम से सभी मिसाइलों को रोकने का दावा किया है और कहा कि कोई जनहानि नहीं हुई।
  • हमले के बाद कतर ने ईरान को जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी और तुरंत एयरस्पेस बंद कर दिया।
  • इराक में अमेरिकी सैन्य ठिकाने पर भी ईरान ने एक मिसाइल दागी, जबकि सीरिया में दिन में पहले से हमला हो चुका था।
  • इजराइल ने भी पश्चिमी ईरान में 15 जेट्स से कई मिलिट्री साइट्स पर एयरस्ट्राइक की, जिससे टकराव और गहरा गया है।
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