Sunday, July 26, 2026
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मिडल ईस्ट तनाव के साये में बाजार की सतर्क चाल, सेंसेक्स और निफ्टी में हल्की बढ़त

पश्चिम एशिया में ईरान और इजराइल के बीच तेज़ होते तनाव का सीधा असर मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार में देखने को मिला। कारोबारी हफ्ते के दूसरे दिन निवेशकों ने सतर्कता बरती, जिससे बाजार में हल्की बढ़त तो दिखी, पर उत्साह नदारद रहा।

बीएसई सेंसेक्स 120.50 अंकों यानी 0.15% की मामूली बढ़त के साथ 81,659.87 के स्तर पर कारोबार करता नजर आया, जबकि एनएसई निफ्टी 50 सूचकांक भी 50.45 अंकों की वृद्धि के साथ 24,950 के नजदीक बना रहा। इस फ्लैट ट्रेडिंग का मुख्य कारण पश्चिम एशिया की भू-राजनीतिक स्थिति के चलते ग्लोबल रिस्क सेंटिमेंट में आई हिचक है, जिसे घरेलू निवेशकों ने गंभीरता से लिया है।

स्टॉक्स में सुस्ती, सेक्टोरल बिखराव साफ नजर आया

दिनभर के कारोबार में सेक्टोरल रुझान मिश्रित रहे। सेंसेक्स की टॉप परफॉर्मिंग कंपनियों में एनटीपीसी 0.63% ऊपर रहा, जबकि कोटक महिंद्रा बैंक ने 0.61%, एक्सिस बैंक 0.54%, एशियन पेंट्स 0.43% और अडाणी पोर्ट्स 0.31% की बढ़त दर्ज की। यह संकेत है कि चुनिंदा बैंकिंग और एफएमसीजी स्टॉक्स में डिफेंसिव बायिंग देखी जा रही है।

वहीं, इंडसइंड बैंक 1.11% गिरकर टॉप लूजर रहा। इसके अलावा, सन फार्मा में 1.10% और बजाज फाइनेंस में 1.03% की गिरावट ने बाजार की गति को सीमित रखा। निवेशकों की यह सतर्कता दरअसल आगामी वैश्विक घटनाक्रमों को लेकर अनिश्चितता से उपजी है।

विशाल मेगा के शेयरों में 7% की गिरावट दर्ज हुई, जबकि Axiscades Technologies में 5% की उछाल देखी गई—यह दोनों शेयर विशेष कारोबारियों की रूचि और सटीक प्राइसिंग न्यूजफ्लो का परिणाम माने जा सकते हैं।

वैश्विक बाजारों में मिला-जुला रुख, अमेरिकी संकेत मजबूत

दूसरी ओर, एशियाई बाजारों में मंगलवार को मजबूती का रुख रहा। जापान का निक्केई 0.68% चढ़ा, दक्षिण कोरिया का कोस्पी 1.40% उछला। ऑस्ट्रेलिया का ASX 200 सपाट बंद हुआ, लेकिन अमेरिका के संकेत बेहतर रहे। डॉउ जोन्स 0.75%, S&P 500 0.94% और NASDAQ Composite 1.52% की मजबूती के साथ बंद हुए, जो ग्लोबल इक्विटी मार्केट में लिक्विडिटी और टेक शेयरों की मजबूत डिमांड का संकेत देता है।

क्रूड ऑयल की कीमतों में एक बार फिर से उबाल है। 70 डॉलर प्रति बैरल तक गिरने के बाद अब यह 74 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गया है। यह कच्चे तेल पर निर्भर भारत जैसे आयातक देशों के लिए चिंता का विषय बन सकता है, खासकर जब यह सीधा असर घरेलू मुद्रास्फीति और चालू खाता घाटे पर डालता है।

सोमवार की तेजी के बाद बाजार ने लगाई ब्रेक

सोमवार को शेयर बाजार में जो उत्साह देखा गया था, वह मंगलवार को काफी हद तक ठंडा पड़ गया। सोमवार को सेंसेक्स ने 677.55 अंक यानी 0.84% की छलांग लगाकर 81,796.15 पर क्लोजिंग दी थी, वहीं निफ्टी ने भी 227.90 अंक या 0.92% की बढ़त के साथ 24,946.50 का स्तर छुआ था। इस तेजी की मुख्य वजह मजबूत वैश्विक संकेत, आईटी और एनर्जी सेक्टर में खरीदारी और कच्चे तेल की नरमी रही।

हालांकि, इससे पहले के दो कारोबारी सत्रों में ईरान-इजरायल तनाव के कारण सेंसेक्स 1,396.54 अंक और निफ्टी 422.8 अंक तक फिसल गए थे। ऐसे में सोमवार की रिकवरी को निवेशक एक बाउंस-बैक के रूप में देख रहे थे, न कि किसी ट्रेंड रिवर्सल के रूप में।

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