हाल ही में दूसरी बार ₹1 लाख प्रति 10 ग्राम के ऐतिहासिक स्तर को छू चुकी सोने की कीमतें 17 जून को एक बार फिर फिसलती दिखीं। मंगलवार को 24 कैरेट शुद्ध सोना ₹1,01,670 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार कर रहा था, जो कि पिछली तेजी के मुकाबले हल्की गिरावट को दर्शाता है। वहीं, 22 कैरेट सोना फिलहाल ₹93,040 प्रति 10 ग्राम की दर से बिक रहा है।
इसके उलट, चांदी की चाल बाजार के लिए थोड़ा चौंकाने वाली रही। गुड रिटर्न्स वेबसाइट के मुताबिक, चांदी ₹1,01,500 प्रति किलो के स्तर पर कारोबार कर रही है, जो निवेशकों के लिए तात्कालिक आकर्षण का संकेत हो सकता है।
शहरवार भाव में मामूली अंतर
मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, हैदराबाद और बेंगलुरू जैसे बड़े महानगरों में 22 कैरेट सोने की कीमत एक जैसी—₹93,040 प्रति 10 ग्राम—दर्ज की गई। दिल्ली में यह रेट थोड़ा ऊपर, ₹93,190 तक गया, जो आपूर्ति और स्थानीय डिमांड से प्रभावित हो सकता है।
चांदी की बात करें तो दिल्ली, मुंबई और कोलकाता में इसकी कीमत ₹1,09,800 प्रति किलो रही, जबकि हैदराबाद और चेन्नई में यह आंकड़ा ₹1,19,800 तक जा पहुंचा। यह अंतर राज्यों में ज्वैलरी ट्रेड व लॉजिस्टिक्स लागत के चलते स्वाभाविक माना जाता है।
क्यों घटता-बढ़ता है सोना? निवेशक क्या समझें इस उतार-चढ़ाव से
सोने की कीमतें न केवल घरेलू डिमांड बल्कि अंतरराष्ट्रीय संकेतों पर भी गहराई से निर्भर करती हैं। बीते कुछ दिनों में वैश्विक स्तर पर अमेरिकी डॉलर के मूल्य में उठापटक और ईरान-इजराइल भू-राजनीतिक तनाव ने निवेशकों को सुरक्षित विकल्प की ओर झुकने पर मजबूर किया, जिससे सोने की मांग में अस्थायी उछाल देखा गया।
वहीं, अब तनाव में आंशिक स्थिरता आने और बाजार में नए निवेश विकल्पों के खुलने से सोने में हल्की गिरावट आई है। यह गिरावट फिलहाल टेक्निकल करेक्शन का हिस्सा मानी जा रही है, न कि दीर्घकालिक रुझान।
विशेषज्ञों के अनुसार, निवेशकों को इस अस्थिरता के दौर में लॉन्ग टर्म पोजिशन बनाकर चलना चाहिए। खासतौर पर वे लोग जो पोर्टफोलियो डाइवर्सिफिकेशन के तहत गोल्ड ईटीएफ, फिजिकल गोल्ड या सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड में निवेश कर रहे हैं, उन्हें शॉर्ट टर्म उतार-चढ़ाव से प्रभावित नहीं होना चाहिए।

