सप्ताह के तीसरे कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार में कमजोरी का रुख देखने को मिला। मंगलवार सुबह बाजार खुलते ही गिरावट हावी रही और सेंसेक्स करीब 300 अंकों की गिरावट के साथ 81,300 के आसपास कारोबार करता दिखा।
दूसरी ओर, निफ्टी भी 100 अंक से ज्यादा टूटकर 24,770 के स्तर पर पहुंच गया। सेंसेक्स के 30 में से केवल 6 शेयरों में बढ़त रही, जबकि 24 लाल निशान पर रहे।
अडाणी पोर्ट्स, NTPC और कोटक महिंद्रा बैंक जैसे दिग्गज स्टॉक्स में लगभग 1% की गिरावट आई। हालांकि, इंडसइंड बैंक ने 4.5% की बढ़त के साथ कुछ राहत दी।
सेक्टर्स में भी बिखरी कमजोरी
NSE के प्रमुख सेक्टरल इंडेक्स में मेटल, IT, मीडिया, FMCG और फार्मा सभी में लगभग 1% की गिरावट दर्ज हुई। निफ्टी-50 के 50 शेयरों में से सिर्फ 13 ने हरे निशान पर कारोबार किया, बाकी 37 में दबाव दिखा।
एशियाई बाजारों से भी नहीं मिला स्पष्ट संकेत
मंगलवार को एशिया के बाजारों में भी मिलाजुला रुख रहा। जापान का निक्केई 255 अंक चढ़ा जबकि हॉन्गकॉन्ग का हैंगसेंग करीब 300 अंक लुढ़का। चीन का शंघाई कंपोजिट भी मामूली गिरावट के साथ कारोबार करता दिखा।
अमेरिकी बाजारों की कमजोरी का असर
17 जून को अमेरिकी बाजारों में भी बिकवाली का दबाव बना रहा। डाउ जोन्स 0.70% की गिरावट के साथ बंद हुआ, जबकि नैस्डैक और S&P 500 में भी क्रमशः 0.91% और 0.84% की कमजोरी देखने को मिली।
निवेशकों की चाल और FII-DII डेटा
सोमवार को घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने 8,207 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे, जबकि विदेशी निवेशकों (FIIs) ने 1,482 करोड़ रुपये की बिकवाली की। जून महीने में अब तक FII द्वारा ₹5,869 करोड़ की निकासी की जा चुकी है, वहीं DII ने ₹58,138 करोड़ की जोरदार खरीदारी की है।
एरिसइंफ्रा IPO ने बाजार में जोड़ी हलचल
इस बीच एरिसइंफ्रा सॉल्यूशंस लिमिटेड का IPO 18 जून से ओपन हो गया है। यह इश्यू 20 जून तक खुला रहेगा और 25 जून को NSE और BSE पर लिस्टिंग की जाएगी। कंपनी इस पब्लिक इश्यू के जरिए ₹499.60 करोड़ जुटाने का लक्ष्य लेकर चल रही है। खास बात यह है कि यह पूरी रकम फ्रेश इश्यू से आएगी, क्योंकि प्रमोटर या मौजूदा निवेशक OFS के जरिए कोई हिस्सेदारी नहीं बेचेंगे।

