अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान को लेकर ऐसा बयान दिया है जिसने वॉशिंगटन और तेहरान के बीच तनाव की लपटों को और भड़काने का काम किया है। ट्रम्प ने मंगलवार देर रात अपनी सोशल मीडिया साइट ‘ट्रूथ’ पर पोस्ट करते हुए कहा कि ईरान के आसमान पर अब हमारा पूरी तरह नियंत्रण है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि “हम जानते हैं कि सुप्रीम लीडर कहां छिपा है। उसे मारना आसान है, लेकिन हम अभी ऐसा नहीं करेंगे।”
उनके इस बयान ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हलचल मचा दी है। क्या अमेरिका अब सीधे तौर पर ईरान के खिलाफ इजराइली हमलों का हिस्सा बन चुका है? यह सवाल अब खुलकर उठ रहा है। ट्रम्प ने अपनी तीसरी पोस्ट में महज दो शब्द लिखे—“Unconditional Surrender” (बिना शर्त आत्मसमर्पण)। यह संदेश ईरान के लिए एक सीधा अल्टीमेटम माना जा रहा है।
224 ईरानी मारे गए, इजराइल में भी जनहानि
इजराइल और ईरान के बीच पांच दिनों से चल रही टकराव की आग थमने का नाम नहीं ले रही। इस संघर्ष में अब तक ईरान ने 224 से अधिक लोगों को खोया है और करीब 1,481 लोग घायल हुए हैं। इजराइल की ओर से भी 24 मौतों की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 600 से अधिक नागरिक घायल हैं। दोनों देशों की जमीनी और हवाई टुकड़ियां मोर्चे पर हैं और हमले लगातार जारी हैं।

मोसाद और AMAN हेडक्वार्टर्स पर ईरानी हमला
तेहरान ने अब इजराइल के खुफिया तंत्र पर सीधा वार किया है। मंगलवार को ईरानी फौज ने तेल अवीव स्थित मोसाद हेडक्वार्टर और मिलिट्री इंटेलिजेंस यूनिट AMAN की बिल्डिंग पर एयरस्ट्राइक की। यह कदम इजराइली हमलों का जवाब माना जा रहा है।
इस बीच, इजराइली एयरस्ट्राइक में ईरान के डिप्टी कमांडर मेजर जनरल अली शादमानी की मौत हो गई है। वह कुछ ही दिन पहले देश की सैन्य आपात कमान ‘खतम-अल-अनबिया’ के प्रमुख नियुक्त हुए थे। इससे पहले 13 जून को उनके पूर्ववर्ती मेजर जनरल गुलाम अली राशिद की हत्या भी इजराइल कर चुका है।
अमेरिका भेजेगा और फाइटर जेट्स
अमेरिका ने इस बीच मिडिल ईस्ट में अपनी सैन्य उपस्थिति और मजबूत करने का फैसला किया है। पेंटागन के अधिकारियों के अनुसार, फाइटर जेट्स की अतिरिक्त तैनाती पर काम शुरू हो चुका है। यह निर्णय ऐसे समय में लिया गया है जब ईरान और इजराइल की जंग क्षेत्रीय स्थिरता को खतरे में डाल रही है।
व्हाइट हाउस में हाईलेवल मीटिंग
व्हाइट हाउस के सिचुएशन रूम में राष्ट्रपति ट्रम्प की अगुवाई में नेशनल सिक्योरिटी टीम की बैठक जारी है। सूत्रों के मुताबिक, इसमें ईरान के खिलाफ अमेरिका की आगे की कूटनीतिक और सैन्य रणनीति पर चर्चा हो रही है। ट्रम्प की भाषा में आ रही सख्ती इस बात का संकेत है कि अमेरिका अब सीधे तौर पर इस टकराव में शामिल होने की दिशा में बढ़ रहा है।
मैक्रों की चेतावनी- तख्तापलट से अराजकता फैलेगी
G7 सम्मेलन के दौरान फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने भी इस मुद्दे पर मुखर बयान दिया। उन्होंने आगाह किया कि ईरान में तख्तापलट की कोई भी कोशिश मिडिल ईस्ट में अराजकता फैला सकती है। साथ ही यह भी कहा कि “ट्रम्प के पास अब जिम्मेदारी है कि वे तेहरान के साथ संवाद की पहल करें।”
मैक्रों का मानना है कि अमेरिका की सक्रिय भूमिका ही दोनों देशों को युद्धविराम की दिशा में वापस ला सकती है। उनका यह बयान ऐसे समय में आया है जब ट्रम्प लगातार आक्रामक रुख अपनाए हुए हैं, और ईरान के प्रति उनके शब्द अब युद्ध की भाषा में बदलते नजर आ रहे हैं।

- अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दावा किया कि ईरान के आसमान पर उनका पूरा कंट्रोल है और वे ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई की लोकेशन जानते हैं।
- ट्रम्प ने सोशल मीडिया पर लिखा कि फिलहाल खामेनेई को नहीं मारेंगे, लेकिन बिना शर्त आत्मसमर्पण की मांग की है।
- इजराइल और ईरान के बीच संघर्ष के 5वें दिन तक 224 ईरानी और 24 इजराइली नागरिक मारे जा चुके हैं।
- अमेरिका ने मिडिल ईस्ट में और अधिक फाइटर जेट्स तैनात करने का फैसला लिया है, जिससे युद्ध की आशंका और गहराई है।
- ईरान ने इजराइली खुफिया एजेंसी मोसाद के मुख्यालय पर हमला किया, वहीं इजराइल ने ईरान के डिप्टी कमांडर अली शादमानी को मार गिराया।

