ईरान और इजराइल के बीच चल रहे संघर्ष ने मंगलवार को और अधिक भयावह रूप ले लिया, जब इजराइली वायुसेना ने ईरान की राजधानी तेहरान पर फिर से हमला किया।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने इस बीच तीखा बयान देते हुए ईरान की राजधानी में रह रहे लोगों को चेताया कि वे “जितनी जल्दी हो सके, शहर खाली कर दें”। ट्रम्प ने न्यूक्लियर डील को ‘मूर्खता’ करार दिया और ईरान पर अप्रत्यक्ष रूप से बड़े हमले की आशंका जता दी।
तेहरान-तेल अवीव के बीच सीधी जंग
मंगलवार की रात को इजराइल ने तेहरान पर कई बार हवाई हमले किए। जवाब में ईरान ने तेल अवीव और हाइफा को निशाना बनाते हुए बमबारी की।
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, अब तक इजराइली हमलों में 224 ईरानी नागरिकों की मौत हो चुकी है और 1,481 लोग घायल हैं। इजराइल में भी इस जंग की कीमत चुकानी पड़ी है, जहां 24 नागरिकों की जान जा चुकी है और 600 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं।
इजराइली राजदूत ने कहा- ‘फोर्डो’ पर हो सकता है हमला
अमेरिका में इजराइल के राजदूत येचिएल लीटर ने फोर्डो न्यूक्लियर साइट पर संभावित हमले की ओर संकेत किया है। उन्होंने कहा कि इस अत्यधिक सुरक्षित और गहराई में स्थित साइट पर हमला सिर्फ अमेरिका ही कर सकता है।
लीटर ने कहा, “सिर्फ अमेरिका के पास ऐसा बम है जो फोर्डो जैसी गहराई में मौजूद न्यूक्लियर साइट को तबाह कर सकता है।” उन्होंने यह भी दावा किया कि गुरुवार या शुक्रवार को ऐसा कुछ हो सकता है जो अब तक के सभी सैन्य ऑपरेशन से बड़ा होगा।

G7 नेताओं की चिंता और सख्त संदेश
कनाडा में आयोजित G7 शिखर सम्मेलन में इजराइल-ईरान युद्ध को लेकर चिंता जताई गई। सदस्य देशों ने एक साझा बयान में ईरान से तनाव कम करने की अपील करते हुए साफ किया कि इजराइल को अपनी सुरक्षा का अधिकार है।
बयान में दो प्रमुख बिंदु थे-
- “ईरान के पास कभी भी परमाणु हथियार नहीं होना चाहिए।”
- “मिडिल ईस्ट में स्थायी शांति के लिए गाजा में सीजफायर बेहद जरूरी है।”
तेहरान पर मंगलवार सुबह फिर मिसाइल हमला
ईरानी समाचार एजेंसी मेहर की रिपोर्ट के मुताबिक, इजराइली सेना ने मंगलवार सुबह पूर्वी तेहरान में फिर मिसाइल हमला किया। इन हमलों में नुकसान का आकलन अभी जारी है, लेकिन घटनास्थल पर राहत कार्य शुरू कर दिए गए हैं।
संघर्ष अब महज सीमाओं का नहीं, बल्कि मिडिल ईस्ट की स्थिरता और वैश्विक कूटनीति की बड़ी परीक्षा बनता जा रहा है। जहां एक ओर राजनयिक हलचल तेज है, वहीं ज़मीनी हालात युद्ध की ओर बढ़ते नजर आ रहे हैं।

