भारत के उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने सोमवार को अपने पद से अचानक इस्तीफा देकर सबको चौंका दिया। उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को पत्र लिखकर कहा कि वह स्वास्थ्य कारणों और डॉक्टरों की सलाह पर यह फैसला ले रहे हैं। इस्तीफा तुरंत प्रभाव से लागू माना गया है। धनखड़ ने अपने पत्र में राष्ट्रपति के साथ-साथ प्रधानमंत्री और मंत्रिपरिषद को भी सहयोग के लिए शुक्रिया कहा। उन्होंने अपने पूरे कार्यकाल को एक संतोषजनक और यादगार अनुभव बताया और देश के उज्ज्वल भविष्य में पूरा भरोसा जताया।
स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने का फैसला
धनखड़ ने अपने इस्तीफे में साफ तौर पर लिखा कि डॉक्टरों की सलाह और स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए वह अब उपराष्ट्रपति की जिम्मेदारियां निभा पाना मुश्किल समझते हैं। ऐसे में उन्होंने संवैधानिक प्रक्रिया के तहत अपना त्यागपत्र राष्ट्रपति को भेज दिया है।
राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और मंत्रियों को कहा धन्यवाद
अपने पत्र में उन्होंने राष्ट्रपति मुर्मू को उनके ‘सौहार्दपूर्ण रिश्तों’ के लिए धन्यवाद दिया। साथ ही प्रधानमंत्री और पूरी कैबिनेट का भी नाम लेकर कहा कि उन्होंने हमेशा मार्गदर्शन और सहयोग दिया। उन्होंने संसद के सदस्यों को भी दिल से धन्यवाद कहा, जिन्होंने उन्हें हमेशा सम्मान दिया।
कार्यकाल को बताया संतोषजनक
धनखड़ ने उपराष्ट्रपति के रूप में अपने कार्यकाल को ‘संतोष और सौभाग्य’ से भरा बताया। उन्होंने लिखा कि भारत के आर्थिक बदलाव और वैश्विक पहचान बनने की प्रक्रिया का हिस्सा बनना उनके लिए गर्व की बात रही।
राजनीति से लेकर वकालत तक का सफर
जगदीप धनखड़ ने 2022 में भारत के 14वें उपराष्ट्रपति के तौर पर शपथ ली थी। उन्होंने विपक्ष की उम्मीदवार मार्गरेट अल्वा को हराकर ये पद संभाला था। इससे पहले वे पश्चिम बंगाल के राज्यपाल रहे। उनका जन्म राजस्थान के झुंझुनू में एक किसान परिवार में हुआ था। NDA में चयन होने के बावजूद वे वकालत की राह पर गए और राजस्थान हाई कोर्ट में नामी वकील बने।
अब आगे क्या होगा?
अब सवाल है कि उपराष्ट्रपति पद की जिम्मेदारी कौन संभालेगा। चूंकि ये संवैधानिक पद है, ऐसे में जल्द ही नए उपराष्ट्रपति के चुनाव की प्रक्रिया शुरू होगी। धनखड़ का इस्तीफा भारतीय राजनीति के लिए एक अहम मोड़ है। देश के सबसे ऊंचे संवैधानिक पदों में से एक को अचानक खाली होते देखना न केवल चौंकाता है, बल्कि आने वाले समय में देश की सियासी दिशा को भी प्रभावित कर सकता है।

- उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने अचानक इस्तीफा दिया, स्वास्थ्य कारणों का हवाला दिया गया।
- इस्तीफा राष्ट्रपति को संबोधित पत्र के ज़रिए दिया, जो तुरंत प्रभाव से लागू हुआ।
- राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और सांसदों को उनके सहयोग के लिए धन्यवाद दिया।
- अपने कार्यकाल को संतोषजनक बताया, भारत के आर्थिक और वैश्विक बदलाव पर गर्व जताया।
- इस्तीफे के बाद अब उपराष्ट्रपति पद खाली, जल्द चुनाव की प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद।

