जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में गुरुवार को मचैल माता मंदिर के पास बादल फटने से भारी तबाही मच गई। इस हादसे में अब तक 40 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 120 से ज्यादा लोग घायल हैं। 220 से अधिक लोगों के लापता होने की आशंका है। घटना के बाद से राहत और बचाव कार्य लगातार जारी है, लेकिन इलाके की दुर्गम स्थिति और टूटी सड़कों के कारण रेस्क्यू टीमों को मुश्किल हो रही है।
किश्तवाड़ में बादल फटने से तबाही
अब तक 50 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया है। हादसा हिमालय स्थित माता चंडी के मंदिर की यात्रा के दौरान चिशोती इलाके में हुआ। प्रशासन ने पूरे जिले में कंट्रोल रूम और हेल्प डेस्क सक्रिय कर दिए हैं। सभी उप-डिविजन को हाई अलर्ट पर रखा गया है और विशेष पुलिस टीमों को तैनात किया गया है।
प्रभावित गांव का आधे से ज्यादा हिस्सा पानी और मलबे में बह गया है। मौसम विभाग ने फिलहाल और बारिश का अनुमान जताया है, जिससे हालात और बिगड़ने की आशंका बनी हुई है।
- किश्तवाड़ में मचैल माता मंदिर के पास बादल फटने से भारी तबाही, 40 लोगों की मौत।
- हादसे में CISF के दो जवानों समेत 120 से ज्यादा लोग घायल, 220 से अधिक लापता।
- रेस्क्यू ऑपरेशन में कठिनाई, रास्ते टूटे, आधा गांव मलबे और पानी में बहा।
- प्रशासन ने कंट्रोल रूम, हेल्प डेस्क एक्टिव किए, सभी उप-डिविजन हाई अलर्ट पर।
- मौसम विभाग ने और बारिश की संभावना जताई, हालात और बिगड़ने का खतरा।

