Sunday, October 25, 2026
spot_img
Homeटॉप न्यूजपीएम मोदी ने ट्रंप से की फोन पर बात, कहा- पाकिस्तान की...

पीएम मोदी ने ट्रंप से की फोन पर बात, कहा- पाकिस्तान की रिक्वेस्ट पर हुआ सीजफायर, किसी की मध्यस्थता मंजूर नहीं

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के बीच बुधवार को करीब 35 मिनट तक फोन पर गंभीर और रणनीतिक बातचीत हुई। बातचीत की पुष्टि करते हुए विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति ट्रम्प को ऑपरेशन सिंदूर की पूरी जानकारी दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस ऑपरेशन से जुड़ी किसी भी चर्चा में व्यापार या मध्यस्थता का कोई स्थान नहीं था।

मोदी ने यह भी साफ कर दिया कि भारत की नीति हमेशा से यह रही है कि वह किसी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता को न स्वीकार करता है, न आगे करेगा। उन्होंने ट्रम्प को भरोसा दिलाया कि भारत की ओर से की गई सैन्य कार्रवाई पूरी तरह आतंकवाद के खिलाफ थी और ‘प्रॉक्सी वॉर’ की परिभाषा अब भारत के लिए बदल चुकी है।

G7 में नहीं हो पाई मुलाकात, ट्रम्प ने खुद की फोन कॉल

मोदी और ट्रम्प की मुलाकात G7 सम्मेलन के इतर तय थी, लेकिन राष्ट्रपति ट्रम्प को 17 मई को अचानक अमेरिका लौटना पड़ा। इसके बाद ट्रम्प ने ही पहल कर फोन पर बात का प्रस्ताव दिया। इससे पहले 22 अप्रैल को पहलगाम हमले के बाद ट्रम्प ने फोन पर पीएम मोदी से संवेदना जताई थी। 18 जून की यह बातचीत उस घटनाक्रम के बाद उनकी पहली औपचारिक चर्चा थी, जिसमें ऑपरेशन सिंदूर पर गहराई से विमर्श हुआ।

‘भारत की कार्रवाई सिर्फ आतंकी ठिकानों पर थी’

विदेश सचिव ने बताया कि पीएम मोदी ने राष्ट्रपति ट्रम्प को जानकारी दी कि भारत ने 6-7 मई की रात पाकिस्तान और PoK में सिर्फ आतंकी अड्डों को ही टारगेट किया था। भारत की कार्रवाई बेहद नपी-तुली, सटीक और बिना किसी उकसावे के थी। उन्होंने कहा, भारत की ओर से यह संदेश साफ था कि अब पाकिस्तान की एक गोली का जवाब तोप से दिया जाएगा।

अमेरिका को चेताया था, हमला हुआ तो जवाब और बड़ा होगा : भारत

मोदी सरकार के रणनीतिक रुख को लेकर मिसरी ने बताया कि 9 मई को अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने पीएम मोदी को फोन कर बताया था कि पाकिस्तान किसी बड़े हमले की तैयारी कर रहा है। मोदी ने उन्हें स्पष्ट कहा कि भारत इससे भी बड़ा जवाब देगा।

इसके 24 घंटे के भीतर ही भारत ने पाकिस्तान के सैन्य ठिकानों पर जवाबी कार्रवाई की। पाकिस्तानी एयरबेस को इनऑपरेबल बना दिया गया, जिससे उनके लड़ाकू विमानों की उड़ानें रुक गईं। दबाव में आकर पाकिस्तान को सैन्य कार्रवाई रोकने की अपील करनी पड़ी।

‘सीजफायर भारत ने नहीं, पाकिस्तान ने मांगा’

विदेश सचिव ने दोहराया कि भारत ने सैन्य कार्रवाई रोकी क्योंकि पाकिस्तान ने मौजूदा सैन्य अफसरों के चैनल से ऐसा आग्रह किया था। किसी तीसरे देश की भूमिका या मध्यस्थता इसमें कतई नहीं थी।

मोदी ने ट्रम्प को यह भी बताया कि भारत-अमेरिका के बीच इस पूरे घटनाक्रम में किसी ट्रेड डील, दबाव या राजनयिक समझौते की कोई चर्चा नहीं हुई।

क्वाड समिट के लिए ट्रम्प को न्योता

बातचीत के अंत में दोनों नेताओं ने इजराइल-ईरान और रूस-यूक्रेन युद्ध पर भी विचार साझा किए। दोनों इस बात पर सहमत हुए कि यूक्रेन में शांति की दिशा में प्रत्यक्ष बातचीत जरूरी है। पीएम मोदी ने राष्ट्रपति ट्रम्प को अगली क्वाड बैठक में भारत आने का न्योता दिया, जिसे ट्रम्प ने स्वीकार कर लिया। उन्होंने कहा कि वे जल्द भारत यात्रा के लिए तैयार हैं।

अन्य खबरें