नेपाल में सोशल मीडिया बैन के खिलाफ शुरू हुआ Gen-Z आंदोलन अब बड़े राजनीतिक संकट में बदल गया है। सोमवार को हुई हिंसक झड़पों में 20 लोगों की मौत हो गई, जबकि 100 से ज्यादा लोग घायल हुए। राजधानी काठमांडू समेत कई इलाकों में आगजनी, पथराव और तोड़फोड़ जारी है। हालात इतने बिगड़े कि प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली और उनके पांच मंत्रियों को इस्तीफा देना पड़ा। राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल के निजी आवास पर भी प्रदर्शनकारियों ने हमला कर आगजनी की। फिलहाल कर्फ्यू और भारी सुरक्षा के बावजूद आंदोलन का दायरा लगातार बढ़ रहा है।
हिंसा और इस्तीफे
नेपाल में सोमवार को Gen-Z आंदोलन ने हिंसक रूप ले लिया। सोशल मीडिया बैन के खिलाफ युवाओं का गुस्सा सड़कों पर फूट पड़ा। राजधानी काठमांडू समेत कई शहरों में तोड़फोड़, आगजनी और पथराव हुआ। इस दौरान 20 लोगों की मौत हो गई और 100 से ज्यादा लोग घायल हुए। हालात को देखते हुए प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली के साथ गृहमंत्री रमेश लेखक, कृषि मंत्री रामनाथ अधिकारी, स्वास्थ्य मंत्री और अन्य दो मंत्रियों ने इस्तीफा दे दिया। सरकार के इस्तीफे के बाद भी प्रदर्शन थमा नहीं है और भीड़ लगातार नए इलाकों में फैल रही है।

राष्ट्रपति आवास पर हमला
सोमवार देर रात प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल के निजी आवास पर धावा बोल दिया। यहां तोड़फोड़ और आगजनी की गई। पुलिस और सुरक्षाबलों ने हालात काबू करने की कोशिश की, लेकिन भीड़ इतनी बड़ी थी कि उन्हें पीछे हटना पड़ा। यह घटना नेपाल के इतिहास में पहली बार हुई जब राष्ट्रपति के निजी आवास को निशाना बनाया गया। राजधानी कर्फ्यू में तब्दील हो गई है, सड़कों पर सेना और पुलिस तैनात हैं, फिर भी प्रदर्शनकारी टुकड़ियों में इकट्ठा होकर जगह-जगह हमला कर रहे हैं।
सेना और मेयर का बयान
नेपाल के थल सेनाध्यक्ष अशोक राज सिगडेल ने मंगलवार रात राष्ट्र को संबोधित करते हुए सभी पक्षों से बातचीत की अपील की। उन्होंने कहा कि अगर आंदोलनकारी अपने कार्यक्रम रोक दें, तो शांतिपूर्ण समाधान निकाला जा सकता है। दूसरी ओर काठमांडू के मेयर बालेन शाह ने साफ कर दिया कि जब तक संसद भंग नहीं होती, तब तक कोई बातचीत संभव नहीं है। उन्होंने प्रदर्शनकारियों से कहा कि वे सेना के साथ वार्ता के लिए तैयार रहें, लेकिन उससे पहले संसद का अस्तित्व खत्म होना जरूरी है।

भारत सीमा पर असर
नेपाल की स्थिति का असर भारत के सीमावर्ती इलाकों में भी दिखने लगा है। उत्तराखंड के पिथौरागढ़ से सटे दार्चुला और बैतड़ी में नेपाल के प्रदर्शन का असर पहुंचा। यहां भी छोटे स्तर पर प्रदर्शन हुए। इसको देखते हुए भारतीय सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर हैं। एसएसबी और स्थानीय पुलिस ने सीमा पर निगरानी बढ़ा दी है। काली नदी के किनारे लगातार तलाशी अभियान चलाया जा रहा है और सीमा पार करने वालों पर कड़ी नजर रखी जा रही है। फिलहाल कोई संदिग्ध गतिविधि सामने नहीं आई है।
बढ़ता राजनीतिक संकट
नेपाल में आंदोलन के चलते अब वैकल्पिक सरकार और नए नेतृत्व की मांग उठ रही है। ओली सरकार के इस्तीफे के बाद सत्ता का शून्य गहरा गया है। संसद के भविष्य पर भी सवाल उठ रहे हैं। कई राजनीतिक दल नए चुनाव की मांग कर रहे हैं। राजधानी का हवाई अड्डा बंद कर दिया गया है और काठमांडू छावनी में तब्दील हो गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर स्थिति जल्द नहीं सुधरी, तो नेपाल लंबे राजनीतिक अस्थिरता में फंस सकता है।

- नेपाल में Gen-Z आंदोलन के दौरान 20 की मौत और 100 से ज्यादा घायल हुए।
- प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली और पांच मंत्रियों ने पद से इस्तीफा दे दिया।
- राष्ट्रपति पौडेल के निजी आवास पर प्रदर्शनकारियों ने कब्जा कर आगजनी की।
- सेना ने बातचीत की अपील की, मेयर बालेन शाह ने संसद भंग की शर्त रखी।
- भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा कड़ी की गई, पिथौरागढ़ तक असर दिखा।

