बुधवार, मई 20, 2026
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हरियाणा स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी के कुलपति अशोक कुमार की पुस्तक “Challenges to Internal Security of India” के सातवें संस्करण का लोकार्पण, केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल बोले– यह छात्रों और युवाओं के लिए मार्गदर्शक साबित होगी

दिल्ली विश्वविद्यालय के हंसराज कॉलेज में मंगलवार को पूर्व डीजीपी उत्तराखंड और वर्तमान में हरियाणा की स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी के कुलपति अशोक कुमार की पुस्तक “Challenges to Internal Security of India” के सातवें संस्करण का लोकार्पण किया गया। इस मौके पर केंद्रीय ऊर्जा और शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल मुख्य अतिथि रहे। उन्होंने कहा कि यह किताब न सिर्फ प्रशासनिक सेवाओं के छात्रों के लिए उपयोगी है, बल्कि युवाओं और आम नागरिकों को भी आंतरिक सुरक्षा से जुड़ी चुनौतियों को समझने का अवसर देगी।

मनोहर लाल ने किया आह्वान

लोकार्पण समारोह में केंद्रीय ऊर्जा और शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल ने कहा कि भारत की आंतरिक सुरक्षा आतंकवाद, नक्सलवाद, ड्रग्स और अवैध घुसपैठ से चुनौती झेल रही है। ऐसे में यह किताब छात्रों, नीति-निर्माताओं और आम नागरिकों के लिए बेहद उपयोगी है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि इस पुस्तक को केवल परीक्षा की तैयारी तक सीमित न रखें, बल्कि इसे पढ़कर देश की सुरक्षा और जिम्मेदारी से जुड़े पहलुओं को समझें। उन्होंने कहा कि जब तक लोग सजग नहीं होंगे, तब तक सरकार अकेले इन समस्याओं से नहीं निपट सकती।

लेखक अशोक कुमार का बयान

पुस्तक के लेखक और पूर्व डीजीपी अशोक कुमार ने कहा कि Challenges to Internal Security of India लंबे समय से यूपीएससी अभ्यर्थियों की पसंद बनी हुई है। इसकी लोकप्रियता इस बात का प्रमाण है कि विषय की गंभीरता को लेकर लोगों में रुचि है। उन्होंने बताया कि सातवें संस्करण को खास तौर पर समसामयिक घटनाओं और हालिया चुनौतियों से जोड़ा गया है। उनका मानना है कि राष्ट्रीय सुरक्षा केवल पुलिस और सेना की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि इसमें नागरिकों की भागीदारी भी उतनी ही जरूरी है।

समारोह में हुए विशेष संबोधन

कार्यक्रम में दिल्ली पुलिस के विशेष आयुक्त (अपराध) देवेश चंद्र श्रीवास्तव ने अपने व्यावहारिक अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि सुरक्षा का स्वरूप लगातार बदल रहा है और इस बदलाव को समझना युवाओं के लिए जरूरी है। समारोह में मौजूद शिक्षाविदों और अधिकारियों ने भी माना कि इस तरह की किताबें युवाओं को नई दिशा देती हैं। वक्ताओं का कहना था कि भारत जैसे बड़े देश में सुरक्षा चुनौतियों को समझना और उनके समाधान पर विचार करना समय की मांग है।

बड़ी संख्या में जुटे लोग

कार्यक्रम में मैकग्रा हिल इंडिया के प्रबंध निदेशक ललित सिंह, हंसराज कॉलेज की प्राचार्य प्रो. (डा.) रमा, पूर्व डीजीपी हरियाणा मनोज यादव, आरपीएफ उत्तराखंड के पूर्व आईपीएस एसके भगत, बीएसएफ के पूर्व आईजी एसपी सिंह, और कई वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी मौजूद रहे। इसके अलावा बड़ी संख्या में छात्र, विद्वान और शिक्षाविद भी शामिल हुए। हॉल खचाखच भरा रहा और छात्रों ने खास दिलचस्पी दिखाई। आयोजन के दौरान स्वामी दयानंद और महात्मा हंसराज की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई।

राष्ट्रीय महत्व की पुस्तक

विशेषज्ञों का कहना है कि यह किताब न केवल प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वालों के लिए उपयोगी है, बल्कि नीति निर्माण में भी इसका योगदान हो सकता है। इसमें कश्मीर, नक्सलवाद, आतंकवाद और पूर्वोत्तर की चुनौतियों जैसे अहम विषय शामिल किए गए हैं। मनोहर लाल ने भी अपने संबोधन में कहा कि इस पुस्तक से समाज में जागरूकता फैलेगी और यह राष्ट्रीय सुरक्षा की समझ को गहरा करने में अहम भूमिका निभाएगी।

 Nationalbreaking.com । नेशनल ब्रेकिंग - सबसे सटीक
  1. दिल्ली विश्वविद्यालय में अशोक कुमार की पुस्तक Challenges to Internal Security of India के सातवें संस्करण का लोकार्पण हुआ।
  2. मुख्य अतिथि मंत्री मनोहर लाल ने युवाओं और छात्रों से इसे पढ़ने की अपील की।
  3. उन्होंने कहा कि आंतरिक सुरक्षा में नागरिकों और युवाओं की भी अहम भूमिका है।
  4. लेखक अशोक कुमार ने बताया कि नया संस्करण समसामयिक घटनाओं से जोड़ा गया है।
  5. कार्यक्रम में कई वरिष्ठ अधिकारी, शिक्षाविद और बड़ी संख्या में छात्र शामिल हुए।
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