राई (सोनीपत) स्थित खेल विश्वविद्यालय हरियाणा में आयोजित दीक्षारंभ कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष हरविंदर कल्याण ने छात्रों को संदेश दिया कि खेल सिर्फ करियर का साधन नहीं, बल्कि जीवन जीने की कला भी सिखाते हैं। कुलपति अशोक कुमार ने कहा कि ठान लेने पर कोई भी लक्ष्य कठिन नहीं होता। इस मौके पर गोल्ड मेडलिस्ट सुमित अंतिल, अर्जुन अवार्डी संदीप नरवाल और एवरेस्ट विजेता शिवांगी पाठक ने भी युवाओं को मेहनत और नशे से दूर रहने की प्रेरणा दी।
विधानसभा अध्यक्ष का संदेश
दीक्षारंभ कार्यक्रम में मुख्य अतिथि हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष हरविंदर कल्याण ने छात्रों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि खेल केवल रोजगार और करियर का विकल्प नहीं हैं, बल्कि जीवन जीने का तरीका भी सिखाते हैं। खेलों से अनुशासन, संघर्ष और आत्मविश्वास पैदा होता है, जो हर क्षेत्र में सफलता की कुंजी है। कल्याण ने युवाओं से शॉर्टकट से बचने और मेहनत को ही अपना साथी बनाने की अपील की। साथ ही उन्होंने समाज में नशे जैसी बुराइयों से दूर रहने और राष्ट्र निर्माण में योगदान देने पर जोर दिया।
कुलपति अशोक कुमार की प्रेरणा
विश्वविद्यालय के कुलपति अशोक कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि कठिनाइयाँ चाहे कितनी भी हों, यदि ठान लिया जाए तो कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं है। उन्होंने बताया कि पिछले साल की तुलना में इस बार ज्यादा छात्रों ने प्रवेश लिया है और खिलाड़ियों का प्रदर्शन भी बेहतर हो रहा है। अब तक विश्वविद्यालय ने 27 पदक हासिल किए हैं और इस साल 40 से अधिक पदक का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि भारत को 2036 ओलंपिक में अधिक पदक जीतने की दिशा में लगातार तैयारी करनी होगी।
खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाने वाला संबोधन
दीक्षारंभ कार्यक्रम में विशेष वक्ता के रूप में गोल्ड मेडलिस्ट सुमित अंतिल, अर्जुन अवार्डी संदीप नरवाल और देश की सबसे युवा एवरेस्ट विजेता शिवांगी पाठक मौजूद रहे। इन तीनों ने छात्रों को न रुकने और न हार मानने का संदेश दिया। सुमित अंतिल ने कहा कि कठिनाइयाँ चाहे जितनी हों, सच्ची लगन से कोशिश की जाए तो मंज़िल जरूर मिलती है। शिवांगी पाठक ने विद्यार्थियों से सपनों से समझौता न करने और हमेशा नेक इरादों के साथ आगे बढ़ने की अपील की।
हरियाणा की खेल पहचान
अर्जुन अवार्डी संदीप नरवाल ने कहा कि हरियाणा की पहचान खेलों से है। उन्होंने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि मेहनत और अनुशासन से राज्य और देश का नाम दुनिया में रोशन किया जा सकता है। उन्होंने नशे से दूर रहने और पूरे जोश से अभ्यास करने की नसीहत दी। खिलाड़ियों ने बताया कि खेल केवल पदक जीतने का साधन नहीं, बल्कि यह इंसान के व्यक्तित्व को भी निखारता है और समाज में सकारात्मक बदलाव लाता है।
कार्यक्रम का समापन
कार्यक्रम के अंत में विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार जसविंदर सिंह ने सभी मुख्य अतिथियों और वक्ताओं का धन्यवाद किया। इस दौरान विश्वविद्यालय के डीन, अधिकारी, शिक्षक और बड़ी संख्या में विद्यार्थी मौजूद रहे। स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ताओं की भी भागीदारी रही। कार्यक्रम ने छात्रों को नई प्रेरणा दी और यह संदेश दिया कि अनुशासन, लगन और ईमानदारी से किया गया प्रयास ही जीवन को नई दिशा देता है।

- खेल विश्वविद्यालय हरियाणा में दीक्षारंभ कार्यक्रम आयोजित हुआ।
- मुख्य अतिथि हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष हरविंदर कल्याण ने छात्रों को संबोधित किया।
- कुलपति अशोक कुमार ने 2036 ओलंपिक में पदकों का लक्ष्य बताया।
- गोल्ड मेडलिस्ट सुमित अंतिल, संदीप नरवाल और शिवांगी पाठक ने छात्रों को प्रेरित किया।
- कार्यक्रम का समापन रजिस्ट्रार जसविंदर सिंह ने धन्यवाद ज्ञापन के साथ किया।

