गुरूवार, जून 4, 2026
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जयपुर में पायलट राजवीर का अंतिम संस्कार, लेफ्टिनेंट कर्नल पत्नी ने सैल्यूट कर दी विदाई

जयपुर के चांदपोल मोक्षधाम में मंगलवार को केदारनाथ हेलिकॉप्टर क्रैश में जान गंवाने वाले पायलट राजवीर सिंह चौहान का अंतिम संस्कार पूरे सैन्य सम्मान के साथ किया गया। राजवीर की पार्थिव देह सोमवार देर रात जयपुर पहुंची थी। मंगलवार सुबह जब शव शास्त्री नगर स्थित उनके घर लाया गया, तो घर का माहौल दर्द से भर उठा।

पत्नी दीपिका सिंह, जो खुद भी लेफ्टिनेंट कर्नल हैं, पति की अंतिम यात्रा में सेना की वर्दी पहनकर शामिल हुईं। हाथ में राजवीर की तस्वीर थामे, वे पूरे रास्ते नम आंखों के साथ चलती रहीं। जैसे ही अंतिम संस्कार का समय आया, दीपिका ने पति को सैल्यूट कर विदाई दी, जिसे देख वहां मौजूद हर आंख नम हो गई। दीपिका सिंह ने सैल्यूट कर अपने पति को अंतिम विदाई दी।

परिवार का दुख, सब कुछ खो दिया

राजवीर के माता-पिता अपने छोटे बेटे का शव देख टूट पड़े। उम्रदराज मां-बाप बस यही कहते रहे—”हमारा सब कुछ चला गया।” हादसे में शव बुरी तरह क्षतिग्रस्त होने के कारण परिवार को राजवीर का चेहरा तक नहीं दिखाया गया। यह क्षण और भी भारी था।

राजवीर के भतीजे ने सुबह 10:30 बजे उन्हें मुखाग्नि दी। अंतिम यात्रा जैसे ही चांदपोल मोक्षधाम पहुंची, चारों ओर ‘राजवीर अमर रहें’ के नारे गूंजने लगे। सेना के अधिकारियों ने मोक्षधाम में पुष्प चक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।

क्रैश से पहले मौसम की दी थी चेतावनी

राजवीर सिंह चौहान रिटायर्ड लेफ्टिनेंट कर्नल थे। सेना से सेवामुक्त होने के बाद वे एक निजी एविएशन कंपनी के साथ बतौर पायलट काम कर रहे थे। हादसे के वक्त वे अपनी टीम का नेतृत्व कर रहे थे और सबसे आगे उड़ रहे हेलिकॉप्टर को वही संचालित कर रहे थे।

उनके भाई चंद्रवीर ने बताया कि राजवीर ने दूसरे पायलट को खराब मौसम के बारे में पहले ही सूचना दे दी थी, क्योंकि वे सबसे आगे थे। लेकिन इसके कुछ मिनटों बाद ही सुबह 5:20 पर उनका हेलिकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसे में कुल 7 लोगों की मौत हुई, जिनमें 37 वर्षीय पायलट राजवीर भी शामिल थे।

चार महीने पहले बने थे पिता

राजवीर सिंह कुछ ही महीनों पहले जुड़वां बेटों के पिता बने थे। यह खबर पूरे मोहल्ले और सगे-संबंधियों में अब एक टीस बनकर रह गई है। बच्चों का भविष्य, मां-बाप का सहारा और पत्नी का साथी—एक साथ सबकुछ खत्म हो गया।

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