Tuesday, July 21, 2026
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11वां अंतरराष्ट्रीय योग दिवस: विशाखापत्तनम में पीएम मोदी 3 लाख लोगों के साथ करेंगे योगाभ्यास, 25 हजार आदिवासी बच्चे करेंगे 108 सूर्य नमस्कार

21 जून की सुबह विशाखापत्तनम कुछ अलग ही दिखेगा। समंदर के किनारे बसे इस शहर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद योग करने पहुंच रहे हैं। मौका है 11वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का, और ये कोई मामूली आयोजन नहीं है- यहां करीब तीन लाख लोग एक साथ योग करेंगे। सुबह 6:30 से 7:45 तक ‘कॉमन योगा प्रोटोकॉल’ का अभ्यास होगा।

केंद्रीय आयुष राज्यमंत्री प्रतापराव जाधव और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू भी पीएम मोदी के साथ मंच पर होंगे। खास बात ये कि इस साल का आयोजन ‘योग संगम’ पहल के तहत हो रहा है, जिसमें पूरे देश में एक साथ लाखों लोग योग करते नजर आएंगे।

गिनीज रिकॉर्ड की तैयारी

राज्य सरकार की भी पूरी कोशिश है कि ये योग दिवस ऐतिहासिक बन जाए। गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने का प्लान तैयार है—50 लाख से ज्यादा रजिस्ट्रेशन पूरे हो चुके हैं। हर रजिस्ट्रेंट को एक योग प्रमाणपत्र भी मिलेगा। अब देखना होगा कि क्या ये प्रयास इतिहास रच पाएगा।

एक दिन पहले, आंध्र विश्वविद्यालय में एक खास कार्यक्रम हुआ—25,000 आदिवासी बच्चों ने 108 मिनट तक 108 सूर्य नमस्कार किए। ये सिर्फ एक सांस्कृतिक शो नहीं था, बल्कि योग से जुड़ते आदिवासी समाज की बदलती तस्वीर को भी दिखा गया। शायद यही योग का असली असर है—जुड़ाव और जागरूकता।

दिल्ली के 109 स्थानों पर योग

इधर राजधानी दिल्ली भी तैयार है। लाल किला इस बार फिर से केंद्र में रहेगा। यहां ब्रह्माकुमारी संस्था, आयुष मंत्रालय और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के सहयोग से कार्यक्रम होगा। इसके अलावा शहर के 109 अलग-अलग स्थानों पर योग सत्र आयोजित किए जाएंगे।

देश के कोने-कोने में कुछ न कुछ खास हो रहा है। कहीं गांव की चौपाल पर लोग योग की चटाई बिछा रहे हैं, तो कहीं स्कूल के मैदान में बच्चे अभ्‍यास कर रहे हैं। ये सब अचानक नहीं हो रहा—पीएम मोदी ने खुद ग्राम प्रधानों को पत्र भेजकर योग के फायदे समझाए हैं। उसका असर दिख रहा है।

इस साल की थीम: “वन अर्थ, वन हेल्थ”

हर साल की तरह इस बार भी एक थीम है—“योग फॉर वन अर्थ, वन हेल्थ।” मतलब, इंसान और धरती दोनों की सेहत आपस में जुड़ी है। और यही भावना है “सर्वे सन्तु निरामयाः” की। योग सिर्फ शरीर नहीं, सोच को भी दुरुस्त करता है—सरकार यही संदेश देना चाहती है।

100 दिन, 10 बड़ी पहल

इस बार योग दिवस सिर्फ एक दिन की बात नहीं है। आयुष मंत्रालय ने इसकी 10वीं सालगिरह पर 100 दिन की खास गतिविधियां शुरू की हैं। इनमें ‘योग संगम’, ‘हरित योग’, ‘योग अनप्लग्ड’, ‘योग प्रभाव’ जैसी कई पहलें शामिल हैं। कोई पर्यावरण से जोड़ता है, कोई युवाओं से, तो कोई आधुनिक चिकित्सा पद्धतियों से।

‘संयोग’ नाम की एक पहल है जो योग को एलोपैथी जैसी पद्धतियों के साथ जोड़ने की बात करती है। और ‘योग बंधन’ तो दुनिया भर के देशों से सहयोग बढ़ाने की पहल है।

राजस्थान सबसे आगे, विदेशों में भी असर

पंजीकरण की बात करें तो राजस्थान सबसे आगे है- 2.25 लाख से ज्यादा लोगों ने सिर्फ वहां रजिस्ट्रेशन कराया है। उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और तमिलनाडु जैसे राज्यों में भी एक-एक लाख से ऊपर नाम दर्ज हो चुके हैं।

विदेशों की बात करें तो भारत के दूतावास और सांस्कृतिक केंद्रों ने भी योग कार्यक्रमों का आयोजन किया है। इससे न सिर्फ भारत की परंपरा फैली है, बल्कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में भारत की भूमिका भी और मजबूत हुई है।

हर साल की तरह इस बार भी तस्वीरें आएंगी- कहीं हिमालय के पास योग, कहीं समुद्र किनारे। लेकिन इस बार बात सिर्फ तस्वीरों की नहीं, बल्कि उस सोच की भी है, जो कहती है कि योग सिर्फ आसन नहीं, एक बदलाव है- भीतर से, बाहर तक।

 Nationalbreaking.com । नेशनल ब्रेकिंग - सबसे सटीक
  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 21 जून को विशाखापत्तनम में 11वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2025 का नेतृत्व करेंगे।
  • इस मुख्य आयोजन में 3 लाख से अधिक लोग सुबह 6:30 से 7:45 तक कॉमन योगा प्रोटोकॉल का अभ्यास करेंगे।
  • राज्य सरकार का लक्ष्य गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाना है; अब तक 50 लाख से अधिक लोगों का पंजीकरण हो चुका है।
  • राजधानी दिल्ली सहित देशभर में 10 लाख से ज्यादा स्थानों पर योग सत्र होंगे; लाल किला प्रमुख केंद्र रहेगा।
  • इस वर्ष की थीम “Yoga for One Earth, One Health” है, जो पर्यावरण और मानव स्वास्थ्य की एकता को दर्शाती है।
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