Tuesday, July 21, 2026
spot_img
Homeटॉप न्यूजभारत के इतिहास में आज: 21 जून ने योग से देश को...

भारत के इतिहास में आज: 21 जून ने योग से देश को दिलाई वैश्विक पहचान, हेडगेवार का हुआ निधन

21 जून- वर्ष का सबसे लंबा दिन, जब सूर्य अपनी चरम तीव्रता पर होता है। भारत के लिए यह सिर्फ खगोलीय घटना नहीं, बल्कि इतिहास और सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक रहा है। वर्ष 2014 में तत्कालीन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे संयुक्त राष्ट्र में “अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस” के रूप में प्रस्तावित किया, जिसने 177 देशों के समर्थन के साथ इसे 11 दिसम्बर 2014 को यूएन महासभा में मंजूरी मिलकर एक वैश्विक आंदोलन बना दिया

प्रारंभिक रूप में 2015 की पहली अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की परेड राजपथ से निकलते हुए, पहली बार दिल्ली में 35,985 लोगों और 84 देशों की भागीदारी के साथ दो गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाए गए। तब से यह घटना भारत के इतिहास के साथ गहराई से जुड़ गई है और हर साल 21 जून को “Yoga for One Earth, One Health” जैसे थीम इस दिन की प्रमुख विशेषता बन गए हैं।

योग दिवस के साथ-साथ 21 जून का महत्व जन्म और मृत्यु, राजनीतिक घटनाओं और सांस्कृतिक मोड़ों से भी जुड़ा है। भारतीय इतिहास की यह तारीख हमें याद दिलाती है कि खगोलीय घटनाएं, राष्ट्रीय गौरव और व्यक्तिगत उपलब्धियां कैसे एक सूत्र में बंधकर इतिहास की समृद्ध गाथा बनाती हैं।

इसी गहराई और बहुआयामी पहलुओं के साथ हम इस दिन की प्रमुख घटनाओं का विश्लेषण नीचे करते हैं-


प्रमुख घटनाएं

21 जून को भारत और विश्व इतिहास में कई निर्णायक घटनाएं हुईं:

  • 2015: पहला अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस, जिसमें राजपथ पर रिकॉर्ड तोड़ भागीदारी दर्ज हुई, और बाद में यह आयोजन दुनिया के कोने‑कोने में फैल गया।
  • 1941: राजेंद्र प्रसाद ने विजाग में स्किंडिया शिपयार्ड की नींव रखी, जो आज हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड बन कर उभरा है।
  • 1921: भारत संयुक्त राष्ट्र की प्रारंभिक कमनवेल्थ की सदस्य बना।
  • 1948: लॉर्ड माउंटबेटन ने गवर्नर‑जनरल की उपाधि से त्यागपत्र दिया, भारतीय संवैधानिक बदलाव में यह एक बड़ा मोड़ रहा।

आज हमने इन्हें खो दिया

इसी दिन कुछ महान हस्तियां आज इस दुनिया में नहीं रहीं—उनकी यादें हमें आज भी प्रेरित करती हैं:

  • केशव बालीराम हेडगेवार (1889–1940): राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संस्थापक और संगठित हिंदुत्व विचारधारा के प्रणेता, जिनका निधन 21 जून 1940 को हुआ।
  • प्रो. जयशंकर (1934–2011): तेलंगाना आंदोलन के सुपुर्द‑ए‑जा, जिन्होंने विभाजन के वैचारिक आधार तैयार किए; उनका निधन भी इसी दिन हुआ।

जन्मदिन

आज जिनका जन्मदिन है, उन्होंने अपने‑अपने क्षेत्र में अमिट छाप छोड़ी:

  • विष्णु प्रभाकर (1912–2009): हरियाणा के पहले साहित्य अकादमी पुरस्कार विजेता, हिन्दी कहानी और उपन्यास लेखन में राष्ट्रीय पहचान बनाये।
  • बिकाश भट्टाचार्य (1940–2006): कला के माध्यम से मध्यमवर्गीय भारतीय जीवन का प्रतिबिंब उतारनेवाले चित्रकार; 2003 में उन्हें ललित कला अकादमी का शीर्ष सम्मानीय पुरस्कार मिला ।
  • रीमा लागू (1958–2017): फिल्मों में मां का अमिट अभिनय दिया, मराठी रंगमंच से लेकर बॉलीवुड‑टेलीविजन तक का सफर तय किया।
  • अभिनंदन वर्थमान (1983–): 2019 की भारत‑पाक वायु झड़प के नायक, जिन्हें युद्ध में वीरता के लिए ‘विर चक्र’ से सम्मानित किया गया।
अन्य खबरें