राजस्थान में मानसून पूरी ताकत के साथ बरस रहा है, लेकिन अब राहत की बजाय यह परेशानी बनता जा रहा है। करौली जिले में गुरुवार शाम महज़ आधे घंटे की मूसलाधार बारिश ने शहर की सूरत ही बदल दी। सड़कों पर नदियों जैसी धारा बहने लगी, वहीं निचले इलाकों में घुटनों तक पानी भर गया। शुक्रवार सवेरे अजमेर और पुष्कर में भारी बारिश से नदी नाले उफान पर रहे। कई जगह सड़कें टूट गई। पुष्कर में प्रशासन अलर्ट मोड पर है। राज्य के अन्य जिलों में भी ऐसे ही हालात हैं। इधर, गुरुवार को जैसलमेर का अधिकतम तापमान 38.0 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो राज्य में सबसे अधिक रहा। वहीं, सिरोही में सबसे कम 21.0 डिग्री तापमान दर्ज हुआ। कोटा के रामगंजमंडी में सबसे ज्यादा 186.0 मिमी बारिश दर्ज की गई।
23 जिलों में अलर्ट, रेड से येलो तक चेतावनी
मौसम विभाग ने शुक्रवार को 6 जिलों के लिए रेड अलर्ट, 9 जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट और 8 जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। बंगाल की खाड़ी से आया लो-प्रेशर सिस्टम अब राजस्थान में सक्रिय हो गया है, जिसका असर शुक्रवार से कोटा, अजमेर, जोधपुर और उदयपुर संभाग में तेज़ बारिश के रूप में दिखेगा।
जैसलमेर में बदला मौसम का मिज़ाज
दिनभर उमस और गर्मी झेलने के बाद जैसलमेर में शाम के समय मौसम ने करवट ली। बादल छाए और झमाझम बारिश शुरू हो गई। पाली, सवाई माधोपुर, जोधपुर, करौली, गंगानगर जैसे कई जिलों में बीते 24 घंटे में मध्यम से भारी बारिश रिकॉर्ड की गई है।
बरसात ने तोड़ा औसत का रिकॉर्ड
मौसम विभाग के मुताबिक, इस बार मानसून ने औसत से कहीं अधिक बरसात की है। एक जून से 16 जुलाई तक जहां सामान्य बारिश 125.6 मिमी होती है, इस बार 271.9 मिमी बरसात दर्ज की जा चुकी है—जो औसत से 116% अधिक है।

