राजस्थान में मानसून अब पूरी रफ्तार में है। मंगलवार को मौसम विभाग ने राज्य के 5 जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी कर दिया है। मतलब ये कि वहां भारी बारिश की संभावना है और लोगों को अलर्ट रहने की जरूरत है। इसके अलावा 23 जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है। सोमवार को ही कई जिलों में जोरदार बारिश हुई—कहीं 1 इंच तो कहीं 7 इंच तक पानी बरसा। जयपुर में भी मौसम का मिजाज बदला रहा। सुबह से ही बादल छाए रहे और रुक-रुककर बारिश होती रही। शहर के जेएलएन मार्ग और टोंक रोड समेत कई जगह पानी भर गया।
चूरू में छज्जा गिरा, तीन की मौत
चूरू के सरदारशहर में सोमवार को तेज बारिश के बीच एक पुरानी हवेली का छज्जा गिर गया। मलबे में दबने से तीन लोगों की जान चली गई और दो लोग घायल हो गए। हादसे के वक्त सभी लोग घर के अंदर थे। बारिश का दबाव इतना था कि दीवारें भी दरक गईं।
बारां के मांगरोल में सबसे ज्यादा बरसात
बीते 24 घंटे में सबसे भारी बारिश बारां जिले के मांगरोल में दर्ज हुई—करीब 180 मिमी यानी लगभग 7 इंच। वहां हालत थोड़े बिगड़ भी गए, नदियों-नालों में पानी अचानक बढ़ गया। शाहबाद में 166 मिमी, किशनगंज में 113 और बारां शहर में 94 मिमी पानी गिरा। दूसरी तरफ चूरू, करौली, सवाई माधोपुर, तलवाड़ा, हनुमानगढ़, अलवर—इन सभी जगहों पर भी ठीक-ठाक बारिश रिकॉर्ड की गई।
जयपुर में सड़कें बनीं दरिया
राजधानी जयपुर में सोमवार को सुबह से बारिश का सिलसिला शुरू हुआ जो देर शाम तक चला। शहर के कई हिस्सों में तेज बारिश हुई। जेएलएन मार्ग पर तो 50 मिमी से ज्यादा पानी दर्ज हुआ। टोंक रोड पर महाराजा कॉलेज से लेकर मुख्य सचिव के बंगले तक सड़क पर इतना पानी भर गया कि जाम लग गया।
सांगानेर में 37 मिमी और कलेक्ट्री एरिया में 22 मिमी पानी बरसा। ट्रैफिक का हाल तो पूछिए मत—गाड़ियों की लंबी कतारें, लोग छातों और प्लास्टिक की पन्नियों के सहारे रास्ता पार करते दिखे।
गर्मी के बाद बदला मौसम
राजस्थान के पश्चिमी हिस्सों में सोमवार को दिन भर जबरदस्त गर्मी थी। जैसलमेर, बीकानेर, श्रीगंगानगर और फलोदी जैसे इलाकों में तापमान 38 से 42 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा। श्रीगंगानगर में सबसे ज्यादा 42.6 डिग्री रिकॉर्ड किया गया।
लेकिन शाम होते-होते मौसम ने पलटी मारी। बादल आए और इन इलाकों में तेज बारिश हुई। बीकानेर, जैसलमेर, फलोदी और श्रीगंगानगर के कई हिस्सों में 1 से डेढ़ इंच तक पानी बरसा।
बांधों का जलस्तर भी बढ़ा
लगातार बारिश का असर डैम्स पर भी दिखा है। बूंदी के गुढ़ा डैम, जयपुर का छापरवाड़ा, भीलवाड़ा का मेजा डैम और दौसा का मोरेल डैम—इन सभी में पानी का गेज ऊपर चढ़ गया है। छोटे-छोटे बांधों में भी पानी बढ़ने लगा है।
वैसे मौसम विभाग के आंकड़े कहें तो 1 जून से अब तक राजस्थान में सामान्य से 133% ज्यादा बारिश हो चुकी है। और फिलहाल जो आसमान का हाल है, उससे लग नहीं रहा कि ये सिलसिला थमने वाला है।

