बुधवार, जनवरी 21, 2026
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जुलाई में रिटेल महंगाई 1.55% पर, 8 साल में सबसे कम, खाने-पीने का सामान हुआ सस्ता

जुलाई 2025 में देश की रिटेल महंगाई घटकर 1.55% पर आ गई, जो पिछले 8 साल 1 महीने का सबसे निचला स्तर है। इससे पहले जून 2017 में यह 1.54% दर्ज हुई थी। जून 2025 में महंगाई दर 2.10% थी, जबकि मई में 2.82% और अप्रैल में 3.16% रही थी। इस गिरावट का मुख्य कारण खाने-पीने के सामान की कीमतों में लगातार कमी है। RBI का लक्ष्य महंगाई को 4% के ±2% दायरे में रखना है और फिलहाल यह लक्ष्य से काफी नीचे है।

खाने-पीने के सामान की कीमतों में गिरावट

महंगाई के बास्केट में लगभग आधा हिस्सा खाने-पीने के सामान का होता है। जुलाई में इसकी महीने-दर-महीने महंगाई -1.06% से घटकर -1.76% पर आ गई। जून में ग्रामीण महंगाई 1.72% थी, जो जुलाई में घटकर 1.18% हो गई। शहरी महंगाई भी 2.56% से घटकर 2.05% हो गई।

RBI ने घटाया महंगाई का अनुमान

4 से 6 अगस्त को हुई मॉनीटरी पॉलिसी कमेटी की बैठक में RBI ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए महंगाई का अनुमान 3.7% से घटाकर 3.1% कर दिया। अप्रैल-जून तिमाही का अनुमान भी 3.4% से घटाकर 2.1% कर दिया गया है।

महंगाई बढ़ने-घटने का कारण

महंगाई का स्तर मांग और आपूर्ति पर निर्भर करता है। अगर मांग बढ़े और आपूर्ति कम हो, तो दाम बढ़ते हैं। इसके उलट, मांग घटे और आपूर्ति बढ़े तो कीमतें कम होती हैं। खुदरा महंगाई को मापने के लिए कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) का इस्तेमाल होता है, जो बाजार में सामान और सेवाओं की औसत कीमत में बदलाव को दर्शाता है।

 Nationalbreaking.com । नेशनल ब्रेकिंग - सबसे सटीक
  1. जुलाई 2025 में रिटेल महंगाई घटकर 1.55% रही, जो जून 2017 के बाद सबसे कम है।
  2. खाने-पीने के सामान की कीमतों में गिरावट से महंगाई में यह कमी आई।
  3. ग्रामीण महंगाई 1.18% और शहरी महंगाई 2.05% पर आ गई।
  4. RBI ने 2025-26 के लिए महंगाई अनुमान 3.7% से घटाकर 3.1% कर दिया।
  5. CPI के जरिए खुदरा महंगाई दर तय की जाती है, जो वस्तुओं और सेवाओं की औसत कीमत में बदलाव को मापता है।
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