अंतरिक्ष में 17 दिन का सफल मिशन पूरा करने के बाद भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला की अब धरती पर वापसी होने जा रही है। ISS पर ऐतिहासिक यात्रा के बाद उनका विदाई समारोह 13 जुलाई की शाम 7:25 बजे आयोजित हुआ, जिसे दुनियाभर में लाखों लोगों ने लाइव देखा। ये भारत के लिए गर्व का लम्हा था, जब उन्होंने अंतरिक्ष से विदाई लेते हुए ‘सारे जहां से अच्छा’ कहकर देश को सलाम किया। वह इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन पर पहुंचने वाले पहले भारतीय हैं। अब 15 जुलाई को वह धरती पर कैलिफोर्निया तट के पास लौटेंगे, जहां ISRO की टीम उनका स्वागत करेगी।
फेयरवेल में गूंजा देशप्रेम का जज़्बा
13 जुलाई की शाम को इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन से ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला का विदाई समारोह हुआ। उन्होंने भारत के लिए भावुक संदेश देते हुए कहा – “सारे जहां से अच्छा।” ये शब्द सिर्फ एक विदाई नहीं, बल्कि एक संदेश था उस देश से जिसने उन्हें वहां तक पहुंचाया। इस समारोह में Ax-4 मिशन के उनके साथी और NASA की टीम भी मौजूद थी।
कैसे शुरू हुई ये ऐतिहासिक यात्रा
शुभांशु शुक्ला 26 जून 2025 को नासा के केनेडी स्पेस सेंटर से स्पेसएक्स के ड्रैगन यान में रवाना हुए थे। उनके साथ थीं अमेरिका की अनुभवी कमांडर पेगी व्हिटसन, पोलैंड के सावोस्ज़ उज़नान्स्की और हंगरी के तिबोर कपू। इन सभी ने मिलकर अंतरिक्ष में 250 से ज्यादा बार पृथ्वी की परिक्रमा की और करीब 6 मिलियन मील की दूरी तय की।
60 से ज़्यादा साइंटिफिक एक्सपेरिमेंट्स
ISS पर 17 दिन की इस यात्रा के दौरान शुभांशु की टीम ने 60 से ज्यादा वैज्ञानिक प्रयोग किए। इनमें माइक्रोएल्गी पर रिसर्च और नई सेंट्रीफ्यूगेशन टेक्नोलॉजीज जैसे काम शामिल रहे। इन प्रयोगों से आने वाले समय में स्पेस साइंस को नई दिशा मिल सकती है।
वापसी की प्रक्रिया शुरू, 15 जुलाई को स्प्लैशडाउन
विदाई समारोह के बाद 14 जुलाई को दोपहर 2:25 बजे (IST) उनका क्रू स्पेसएक्स के ड्रैगन एयरक्राफ्ट में सवार होगा। शाम 4:34 बजे ISS से उनका अनडॉकिंग होगा और फिर 15 जुलाई को दोपहर 3:00 बजे के आसपास कैलिफोर्निया तट पर स्प्लैशडाउन होगा। इसके बाद शुभांशु को 7 दिन के रिहैबिलिटेशन प्रोग्राम से गुजरना होगा, ताकि वह पृथ्वी की गुरुत्वाकर्षण स्थितियों में सहज हो सकें।
भारत में जबरदस्त स्वागत की तैयारी
शुभांशु के परिवार और उनके गृहनगर में उनके स्वागत की तैयारियां ज़ोरों पर हैं। देशभर से लोग उन्हें लेकर गर्व महसूस कर रहे हैं। राकेश शर्मा के बाद वह दूसरे भारतीय हैं जिन्होंने अंतरिक्ष में कदम रखा और पहले हैं जिन्होंने ISS की यात्रा की। उनका यह मिशन न सिर्फ वैज्ञानिक दृष्टिकोण से बल्कि राष्ट्रीय स्वाभिमान के लिए भी एक मील का पत्थर है।

- शुभांशु शुक्ला ने ISS पर सफल मिशन के बाद कहा – “सारे जहां से अच्छा”, समारोह लाइव प्रसारित हुआ।
- 26 जून को स्पेसएक्स के ड्रैगन यान से हुए थे रवाना, 17 दिन में की 250+ बार पृथ्वी की परिक्रमा।
- मिशन में किए गए 60 से ज़्यादा वैज्ञानिक प्रयोग, माइक्रोएल्गी और सेंट्रीफ्यूगेशन पर खास रिसर्च।
- 14 जुलाई को ISS से अनडॉकिंग और 15 जुलाई को कैलिफोर्निया तट पर होगा स्प्लैशडाउन।
- ISRO करेगा स्वागत, देशभर में गर्व और सम्मान की लहर, गृहनगर में तैयारी जोरों पर।

