इस साल सितंबर महीने में 15 दिनों के भीतर दो बड़े ग्रहण लग रहे हैं. 7 सितंबर को चंद्र ग्रहण कुंभ राशि में लगा था और अब 21 सितंबर को साल का अंतिम सूर्य ग्रहण कन्या राशि और उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र में लगेगा. यह संयोग ज्योतिषविदों के अनुसार अशुभ माना जा रहा है. खासकर कन्या, कुंभ और मीन राशि वालों को इससे सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है. माना जा रहा है कि इन राशियों के जातकों को आर्थिक नुकसान, रिश्तों में तनाव और कामकाज में रुकावटों का सामना करना पड़ सकता है.
15 दिन में दो ग्रहण
सितंबर 2025 ज्योतिष के लिहाज से बेहद खास है. इस महीने में केवल 15 दिनों के अंतराल पर दो ग्रहण लग रहे हैं. पहला चंद्र ग्रहण 7 सितंबर को कुंभ राशि में हुआ था और अब 21 सितंबर को सूर्य ग्रहण कन्या राशि और उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र में लगने जा रहा है. शास्त्रों में कम समय के अंतराल में दो ग्रहणों को अशुभ संकेत माना गया है. इस स्थिति को कई राशियों के लिए कठिनाई बढ़ाने वाला बताया जा रहा है, जिनमें कन्या, कुंभ और मीन प्रमुख हैं.
कन्या राशि पर असर
इस बार सूर्य ग्रहण कन्या राशि में लगने वाला है, इसलिए इसका सबसे ज्यादा प्रभाव इसी राशि के जातकों पर होगा. आर्थिक स्थिति बिगड़ने की आशंका जताई जा रही है. आय के स्रोत प्रभावित हो सकते हैं और निवेश में नुकसान झेलना पड़ सकता है. पैतृक संपत्ति के मामलों में भी विवाद की संभावना बन सकती है. इस दौरान कन्या राशि के लोगों को किसी भी बड़े वित्तीय फैसले में बेहद सावधानी बरतने की जरूरत होगी. खर्च बढ़ने और कर्ज लेने जैसी स्थिति भी परेशान कर सकती है.
कुंभ राशि पर दोहरा प्रभाव
कुंभ राशि पर इस महीने दोहरा ग्रहण प्रभाव देखा जा रहा है. 7 सितंबर को चंद्र ग्रहण इसी राशि में लगा और अब सूर्य ग्रहण का असर भी दिखेगा. साथ ही शनि की साढ़ेसाती का तीसरा चरण भी कुंभ राशि पर चल रहा है. इन कारणों से अचानक धन हानि और दुर्घटना का खतरा बढ़ सकता है. कार्यस्थल पर लापरवाही से बड़ा नुकसान हो सकता है. वाहन चलाते समय खास सतर्क रहने और जोखिम भरे फैसलों से बचने की सलाह दी जा रही है.
मीन राशि की मुश्किलें
मीन राशि के जातकों के लिए भी यह ग्रहण काल मुश्किलों से भरा माना जा रहा है. इस समय शनि इस राशि में स्थित हैं और साढ़ेसाती का तीसरा चरण चल रहा है. 15 दिनों में दो ग्रहण का असर दांपत्य जीवन और रिश्तों पर पड़ सकता है. पति-पत्नी के बीच तनाव बढ़ सकता है. इसके अलावा नौकरी और व्यापार में बाधाएं आने की संभावना है. कारोबार में घाटा और आय में कमी से मानसिक चिंता बढ़ सकती है. इस समय धैर्य और संयम से काम लेना जरूरी होगा.
भारत में सूतक मान्य नहीं
21 सितंबर को लगने वाला सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा. इसी वजह से इसका सूतक काल भी भारत में मान्य नहीं होगा. यानी पूजा-पाठ, श्राद्ध और अन्य धार्मिक कार्यों पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा. खास बात यह है कि यह ग्रहण सर्वपितृ अमावस्या के संयोग में लग रहा है. ऐसे में लोग निश्चिंत होकर पितरों का श्राद्ध और पिंडदान कर सकेंगे. भारतीय ज्योतिषविद मानते हैं कि भले ही सूतक मान्य न हो, लेकिन राशियों पर ग्रहण का प्रभाव जरूर देखा जाएगा.

- सितंबर 2025 में 15 दिनों में दो ग्रहण लग रहे हैं.
- 7 सितंबर को चंद्र ग्रहण और 21 सितंबर को सूर्य ग्रहण होगा.
- कन्या राशि पर आर्थिक नुकसान और विवाद का असर दिख सकता है.
- कुंभ राशि पर दुर्घटना और धन हानि का खतरा रहेगा.
- मीन राशि में रिश्तों और करियर में बाधाएं आने की संभावना है.

