दिल्ली की एक स्पेशल कोर्ट ने NIA को 26/11 मुंबई हमले के आरोपी तहव्वुर राणा के वॉयस और हैंडराइटिंग सैंपल लेने की इजाजत दे दी है। यह फैसला स्पेशल जज चंद्रजीत सिंह ने सुनाया। अब NIA इस केस में तहव्वुर राणा के खिलाफ सबूत जुटाने की प्रक्रिया को और आगे बढ़ा सकेगी।
‘ऑपरेशन राणा’ से भारत वापसी
तहव्वुर राणा को अमेरिका से भारत लाना कोई आम मिशन नहीं था। इसे ‘ऑपरेशन राणा’ नाम दिया गया था और इसे पूरी तरह गुप्त रखा गया। 10 अप्रैल को एक स्पेशल प्लेन के जरिए उसे भारत लाया गया। उसके साथ NIA की एक टीम भी थी, जो उसे लेकर सीधे दिल्ली पहुंची। उसी दिन उसे पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे NIA की हिरासत में भेज दिया गया। फिलहाल उसकी कस्टडी 12 मई तक बढ़ा दी गई है।
कब और कैसे पकड़ा गया था राणा
तहव्वुर राणा को 2009 में अमेरिका के शिकागो में FBI ने गिरफ्तार किया था। आरोप था कि उसने मुंबई और कोपेनहेगन में हुए आतंकी हमलों के लिए जरूरी सपोर्ट और संसाधन दिए थे। अमेरिका की एक अदालत ने उसे लश्कर-ए-तैयबा जैसे आतंकी संगठन की मदद करने का दोषी माना और उसे डिटेंशन में रखा गया। अब भारत में उस पर आतंकवाद से जुड़ी जांच फिर से शुरू हो गई है।
राणा की जिंदगी का सफर
64 साल का तहव्वुर राणा पाकिस्तानी मूल का कनाडाई नागरिक है। पहले वो पाकिस्तानी सेना में डॉक्टर था, फिर 1997 में कनाडा चला गया। वहां इमिग्रेशन सर्विसेस का बिजनेस शुरू किया और बाद में अमेरिका में भी अपने ऑफिस खोले। वह सात भाषाएं बोल सकता है और दुनिया के कई देशों में घूम चुका है — जिनमें पाकिस्तान, कनाडा, जर्मनी और इंग्लैंड शामिल हैं।
डेविड हेडली से पुराना रिश्ता
तहव्वुर राणा, मुंबई हमले के मास्टरमाइंड डेविड हेडली का बचपन का दोस्त है। राणा को पता था कि हेडली लश्कर-ए-तैयबा के साथ मिलकर हमला प्लान कर रहा है। फिर भी उसने उसकी मदद की — फाइनेंशली भी और प्लानिंग में भी। NIA का मानना है कि राणा को हमले की पूरी जानकारी थी, यहां तक कि कुछ टारगेट्स के नाम भी मालूम थे।
हमले की पूरी कहानी
26 नवंबर 2008 को लश्कर-ए-तैयबा के 10 आतंकी समुद्र के रास्ते मुंबई में दाखिल हुए थे। उन्होंने CST रेलवे स्टेशन, ताज होटल, ओबेरॉय होटल और यहूदी सेंटर को निशाना बनाया। करीब 60 घंटे चले इस हमले में 175 लोग मारे गए थे, जिनमें 9 आतंकी भी शामिल थे। 300 से ज्यादा लोग घायल हुए थे।
अब NIA को उम्मीद
तहव्वुर राणा के वॉयस और हैंडराइटिंग सैंपल से जांच को मजबूत करने की उम्मीद है। इससे यह पता चल सकता है कि हमले की प्लानिंग में उसकी भूमिका कितनी गहरी थी और किन लोगों से उसका सीधा संपर्क था।

- दिल्ली कोर्ट ने तहव्वुर राणा के वॉयस और हैंडराइटिंग सैंपल की इजाजत दी।
- अमेरिका से ‘ऑपरेशन राणा’ के तहत 10 अप्रैल को भारत लाया गया था।
- राणा को 2009 में FBI ने गिरफ्तार किया था, अब भारत में NIA कर रही है जांच।
- डेविड हेडली का बचपन का दोस्त है राणा, आतंकी प्लान में की थी मदद।
- सैंपल से जांच में मिल सकते हैं हमले से जुड़े और अहम सबूत।

