Tuesday, July 21, 2026
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चार दिन की जंग के बाद थाईलैंड-कंबोडिया में शांति, मलेशिया की मध्यस्थता से हुआ सीजफायर

एशिया के दो पड़ोसी देश थाईलैंड और कंबोडिया के बीच बीते चार दिनों से जारी गोलीबारी और तनाव अब थमता नजर आ रहा है। मलेशिया के विदेश मंत्री मोहम्मद हसन ने दावा किया है कि दोनों देशों ने सीमा विवाद सुलझाने के लिए मलेशिया की मध्यस्थता को मंजूरी दे दी है। इस फैसले के बाद अब उम्मीद जताई जा रही है कि संघर्ष में फंसे लाखों लोगों को राहत मिल सकेगी।

शांति वार्ता के लिए पहुंचे दोनों देश के नेता

मलेशियाई न्यूज एजेंसी बर्नामा के मुताबिक, कंबोडिया के प्रधानमंत्री हुन मानेट और थाईलैंड के कार्यवाहक प्रधानमंत्री फुमथाम वेचायाचाई सोमवार को मलेशिया पहुंचेंगे। यहां दोनों नेता मलेशियाई प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री के साथ बातचीत करेंगे। इस मुलाकात का मकसद यह है कि दोनों देश एक स्थायी समाधान की ओर बढ़ें।

दोनों देशों ने जताया मलेशिया पर भरोसा

विदेश मंत्री हसन ने साफ किया कि थाईलैंड और कंबोडिया, दोनों देशों ने मलेशिया को पूरी तरह से भरोसे में लिया है और कहा है कि इस मुद्दे में किसी अन्य देश को न जोड़ा जाए। मलेशिया ने आसियान मंच के अध्यक्ष के रूप में इस भूमिका को निभाने की पेशकश की थी जिसे स्वीकार कर लिया गया है।

अमेरिका की अपील का भी पड़ा असर

शनिवार को अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी दोनों देशों के नेताओं से बात की थी और संघर्ष रोकने की अपील की थी। माना जा रहा है कि इस अपील ने भी दोनों देशों को फैसले पर पहुंचने में मदद की है।

लोगों की जान बचाना अब सबसे बड़ी जरूरत

इस संघर्ष में अब तक 30 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें दोनों देशों के नागरिक शामिल हैं। करीब दो लाख से ज्यादा लोग अपने घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाए गए हैं। अब मलेशिया की पहल से उम्मीद की जा रही है कि हालात जल्द सामान्य होंगे।

 Nationalbreaking.com । नेशनल ब्रेकिंग - सबसे सटीक
  1. थाईलैंड और कंबोडिया के बीच चार दिन से चल रहा सीमा संघर्ष अब थमता दिख रहा है।
  2. मलेशिया ने मध्यस्थ की भूमिका निभाई और दोनों देशों को बातचीत की मेज पर लाया।
  3. दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों ने मलेशिया पहुंचकर शांति वार्ता की बात मानी।
  4. अब तक संघर्ष में 30 से ज्यादा लोगों की जान गई, 2 लाख से अधिक लोग बेघर हुए।
  5. अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति ट्रंप ने भी बातचीत का सुझाव दिया था, जिससे हल निकलने में मदद मिली।
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