शनिवार, मई 2, 2026
spot_img
होमटॉप न्यूजशशि थरूर बोले- देश पहले, पार्टी बाद में; विपक्षी एकता को ‘गद्दारी’...

शशि थरूर बोले- देश पहले, पार्टी बाद में; विपक्षी एकता को ‘गद्दारी’ कहना लोकतंत्र के लिए खतरनाक सोच

कोच्चि में आयोजित ‘शांति, सद्भाव और राष्ट्रीय विकास’ विषयक कार्यक्रम में कांग्रेस नेता और सांसद शशि थरूर ने कहा कि किसी भी राजनेता की पहली निष्ठा देश के प्रति होनी चाहिए, न कि पार्टी के प्रति। उन्होंने दो टूक कहा कि जब राष्ट्रीय सुरक्षा और संकट की घड़ी हो, तो सभी राजनीतिक दलों को एकसाथ खड़ा होना चाहिए। लेकिन जब कोई ऐसा करता है, तो उस पर पार्टी से गद्दारी का आरोप जड़ दिया जाता है, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।

थरूर ने इस विचार को लेकर कहा कि राजनीति में प्रतिस्पर्धा जरूरी है, पर राष्ट्रीय मुद्दों पर साझेदारी को संदेह से देखना लोकतंत्र को कमजोर करता है। हाल ही में प्रधानमंत्री मोदी की विदेश नीति की तारीफ करने और ऑपरेशन सिंदूर पर सरकार-सेना का समर्थन करने के बाद थरूर को कांग्रेस के भीतर विरोध का सामना करना पड़ा।

10 जुलाई: इमरजेंसी पर तीखा लेख

थरूर ने मलयालम अख़बार ‘दीपिका’ में एक लेख के ज़रिए इमरजेंसी को भारत के लोकतांत्रिक इतिहास का काला अध्याय बताते हुए लिखा कि इसे सिर्फ आलोचना नहीं, चेतावनी के तौर पर भी याद रखा जाना चाहिए। उन्होंने नसबंदी अभियान को मनमाना, अमानवीय और क्रूर करार दिया।

थरूर के अनुसार, संजय गांधी द्वारा चलाया गया नसबंदी अभियान लोकतंत्र के खिलाफ एक कठोर उदाहरण था, जिसमें गरीबों को जबरन निशाना बनाया गया। झुग्गियों को उजाड़ा गया, लोग बेघर हुए और उन्हें आवाज तक नहीं दी गई। उन्होंने लिखा— लोकतंत्र को हल्के में लेना विनाश को न्योता देना है। सत्ता का केंद्रीकरण और असहमति को दबाना एक बार फिर सिर उठा सकता है, हमें सचेत रहना होगा।

23 जून: मोदी की ऊर्जा को बताया संपत्ति

थरूर ने ‘द हिंदू’ में प्रकाशित एक लेख में प्रधानमंत्री मोदी की वैश्विक मंच पर ऊर्जा और गतिशीलता की सराहना करते हुए कहा कि यह भारत के लिए एक रणनीतिक संपत्ति बन गई है। उन्होंने जोड़ा कि प्रधानमंत्री ने विश्व स्तर पर भारत की आवाज को प्रभावी तरीके से प्रस्तुत किया है, और इस दिशा में उन्हें और सहयोग मिलना चाहिए।

कांग्रेस ने थरूर के विचारों को उनकी ‘निजी राय’ बताकर किनारा कर लिया, लेकिन पार्टी में इससे असंतोष गहराता दिखा।

खड़गे का व्यंग्य- ‘कुछ के लिए मोदी फर्स्ट’

25 जून को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने सार्वजनिक मंच से थरूर पर तंज कसते हुए कहा, “हमारे लिए देश पहले है, पर कुछ नेताओं के लिए मोदी पहले हैं।” उन्होंने थरूर की भाषा की तारीफ करते हुए भी उनकी नीयत पर सवाल खड़े किए। इससे साफ है कि पार्टी थरूर की मोदी पर टिप्पणी से असहज है।

मॉस्को में थरूर की सफाई—राष्ट्रीय हित पहले

मॉस्को में मीडिया से बातचीत के दौरान थरूर ने स्पष्ट किया कि उन्होंने मोदी की विदेश यात्राओं की ऊर्जा और संवाद शैली की बात राष्ट्रीय दृष्टिकोण से की थी। उन्होंने कहा कि “हमारे लोकतंत्र में मतभेद सीमाओं पर रुकने चाहिए। विदेश नीति में पार्टीगत भेद नहीं, केवल भारत का हित होना चाहिए।”

कांग्रेस का दावा—मोदी की विदेश नीति नाकाम

थरूर के बयान ऐसे समय में आए हैं जब कांग्रेस सरकार की विदेश नीति को पूरी तरह असफल बताकर उस पर हमलावर है। कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि ट्रम्प सरकार की ओर से भारत यात्रा को लेकर जारी चेतावनी देश की छवि को नुकसान पहुंचाती है। पार्टी का कहना है कि मोदी सरकार की कूटनीति अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत को अलग-थलग कर रही है।

अन्य खबरें