गुरूवार, जून 4, 2026
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दिल्ली में यमुना के जलस्तर ने 2013 का रिकॉर्ड तोड़ा, राहत शिविरों में पानी घुसने से हालात और गंभीर

दिल्ली में यमुना का जलस्तर तेजी से बढ़कर 207.33 मीटर पहुंच गया, जो 2013 के रिकॉर्ड से ऊपर है। पानी अब राहत शिविरों तक पहुँच गया है और प्रशासन लोगों को दूसरी जगहों पर शिफ्ट कर रहा है। केंद्रीय जल आयोग ने एक नई चेतावनी जारी की है कि जलस्तर शाम 8 बजे तक और बढ़कर 207.40 मीटर तक जा सकता है। निचले इलाके, ट्रैफिक और स्कूलों पर बाढ़ का असर दिखाई दे रहा है, और बारिश जारी है। कई परिवार सुरक्षित स्थलों पर जा चुके हैं, और राहत-बचाव टीमें पूरे समय सतर्क हैं।

जलस्तर का नया रिकॉर्ड

यमुना का जलस्तर बुधवार शाम तक 207.33 मीटर तक जा पहुँचा है, जो 2013 के पहले के रिकॉर्ड से ऊपर है। प्रशासन ने राहत शिविरों में पानी भरते देख लोगों को दूसरी सुरक्षित जगहों पर शिफ्ट करना शुरू कर दिया है। कई लोग बाढ़ प्रभावित इलाकों से लाकर यमुना बाजार के पास टेंटों में रखे गए थे, लेकिन अब उन टेंटों में भी पानी घुस गया है। प्रशासन पूरे इलाके को खाली कराने का काम तेज कर रहा है, ताकि लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा सके। मौजूदा स्थिति में राहत शिविरों की हालत चिंता बढ़ा रही है।

केंद्रीय जल आयोग की चेतावनी

केंद्रीय जल आयोग ने बुधवार को नई चेतावनी जारी की है, जिसमें कहा गया है कि यमुना का जलस्तर शाम 8 बजे तक 207.40 मीटर तक पहुँच सकता है। यह खतरे की सीमा के बहुत करीब है और जल स्तर में किसी भी वृद्धि से राजधानी के निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा और बढ़ जाएगा। आयोग ने स्पष्ट किया है कि यह पूर्वानुमान वजीराबाद और ओखला बैराज से छोड़े गए पानी की मात्रा पर निर्भर करता है। प्रशासन और राहत-बचाव टीमें अलर्ट मोड पर हैं और स्थितियों पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।

ट्रैफिक और बारिश का असर

दिल्ली पुलिस ने ट्रैफिक अलर्ट जारी किया, खासकर आउटर रिंग रोड पर मजनूं का टीला से सलीमगढ़ बायपास तक यातायात प्रभावित है और डायवर्जन लगाये गए हैं। यात्रियों को वैकल्पिक मार्ग अपनाने की सलाह दी गई है। मौसम विभाग ने अगले दो दिनों तक के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, क्योंकि ऊपरी राज्यों में भारी बारिश के कारण यमुना में पानी की मात्रा लगातार बढ़ रही है। बारिश और बढ़ते जलस्तर की वजह से जनजीवन अस्त-व्यस्त होता जा रहा है, और प्रशासन को यातायात व राहत कार्यों में चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।

शिफ्टिंग और राहत तैयारियां

दिल्ली सरकार कह रही है कि यमुना किनारे बसे इलाकों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट करने की तैयारी चल रही है। बाढ़ नियंत्रण कक्ष 24 घंटे जागरूक है और हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए हैं। PWD मंत्री प्रवेश वर्मा ने ITO बैराज का दौरा किया और मीडिया से कहा कि 2023 जैसा हालात नहीं होंगे। यमुना बेल्ट पर रहने वाले लोगों को रेस्क्यू कर स्कूलों में बनाए शिविरों में भेजा जा रहा है। राहत-बचाव टीमें पूरी सतर्कता से काम कर रही हैं, ताकि समय रहते लोग सुरक्षित जगहों पर पहुँच सकें।

व्यापक असर और हालात

उत्तर भारत के कई राज्यों जैसे उत्तर प्रदेश, बिहार, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान में तेज बारिश और नदियों के उफान के बीच हालात गंभीर बने हुए हैं। दिल्ली-NCR में सुबह की बारिश के बाद यमुना का जलस्तर पुराने रेलवे पुल पर खतरे की सीमा से ऊपर पहुंचकर 207 मीटर हो गया। दिल्ली एयरपोर्ट पर 340 से ज्यादा फ्लाइट्स देरी से चल रही हैं। यमुना बाजार, ओल्ड उस्मानपुर जैसे निचले इलाकों में जलभराव से घरों में पानी घुस गया है, और करीब 12 हजार लोग सुरक्षित स्थानों पर पहुंचे हैं। नोएडा और गाजियाबाद में भी हालात चिंताजनक हैं।

 Nationalbreaking.com । नेशनल ब्रेकिंग - सबसे सटीक
  1. यमुना का जलस्तर 207.33 मीटर पहुँच गया, जो 2013 का रिकॉर्ड पार है।
  2. राहत शिविरों में पानी आने के कारण लोगों को दूसरी सुरक्षित जगहों पर शिफ्ट किया जा रहा है।
  3. केंद्रीय जल आयोग ने चेतावनी दी है कि जलस्तर शाम 8 बजे तक 207.40 मीटर तक जा सकता है।
  4. दिल्ली पुलिस ने ट्रैफिक अलर्ट जारी किया है, और मौसम विभाग ने अगले दो दिनों के लिए ऑरेंज अलर्ट रखा है।
  5. दिल्ली और आसपास के इलाके, जैसे गाजियाबाद-नोएडा-उत्तर प्रदेश में बाढ़ का असर बढ़ रहा है, और कई स्थानों पर जनजीवन प्रभावित हो गया है।
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