शनिवार, मई 2, 2026
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अहमदाबाद प्लेन क्रैश: ब्लैक बॉक्स से डेटा मिला, अब पायलट की बातचीत और तकनीकी गड़बड़ी की होगी जांच

12 जून को अहमदाबाद एयरपोर्ट से उड़ान भरते ही दुर्घटनाग्रस्त हुई एअर इंडिया की फ्लाइट AI-171 से जुड़ी जांच अब एक अहम मोड़ पर पहुंच गई है। इस भीषण हादसे में जहां 270 लोगों की जान गई थी, अब विमान के ब्लैक बॉक्स का डेटा रिकवर कर लिया गया है। गुरुवार को आधिकारिक सूत्रों ने पुष्टि की कि फ्लाइट का कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर (CVR) और फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर (DFDR) दोनों से मेमोरी मॉड्यूल एक्सेस कर लिया गया है।

एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) अब इन दोनों रिकॉर्डर्स से मिले डेटा का विश्लेषण करेगा। जांच एजेंसी इस एनालिसिस के जरिए यह जानने की कोशिश करेगी कि हादसा किस तकनीकी या मानवीय वजह से हुआ। यह डेटा पायलटों की आखिरी बातचीत और टेक्निकल डिटेल्स को सामने लाने में मदद करेगा।

13 और 16 जून को मिले थे ब्लैक बॉक्स

सरकार की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, एयरक्राफ्ट से दो सेट ब्लैक बॉक्स बरामद किए गए थे। पहला सेट 13 जून और दूसरा 16 जून को मलबे से निकाला गया।
इनमें मौजूद रिकॉर्डिंग्स में पायलटों की उड़ान के दौरान बातचीत और विमान के प्रमुख तकनीकी आंकड़े दर्ज हैं। इससे पहले नागरिक उड्डयन मंत्री राममोहन नायडू ने 24 जून को स्पष्ट किया था कि ब्लैक बॉक्स को जांच के लिए विदेश नहीं भेजा जाएगा। इसकी जांच पूरी तरह भारत में ही की जा रही है।

क्या है ब्लैक बॉक्स और क्यों होता है अहम?

विमानों में लगाए जाने वाले ब्लैक बॉक्स असल में दो अलग-अलग रिकॉर्डर का संयोजन होते हैं। इनमें पहला कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर (CVR) होता है जो पायलटों की बातचीत और कॉकपिट की ध्वनियों को रिकॉर्ड करता है। दूसरा फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर (FDR) विमान की तकनीकी गतिविधियों जैसे स्पीड, इंजन परफॉर्मेंस, अल्टीट्यूड और कंट्रोल मूवमेंट्स को रिकॉर्ड करता है।

इन दोनों रिकॉर्डर्स की जानकारी विमान हादसों की जांच में निर्णायक भूमिका निभाती है। ब्लैक बॉक्स का रंग आमतौर पर नारंगी होता है ताकि वह मलबे में आसानी से ढूंढा जा सके, लेकिन इसका नाम ‘ब्लैक बॉक्स’ इस कारण पड़ा क्योंकि या तो इसका अंदरूनी हिस्सा पहले काला हुआ करता था या फिर हादसों में जलकर यह काला हो जाता है।

AAIB के लिए सबसे अहम सुराग

अब जबकि ब्लैक बॉक्स के डेटा को एक्सेस कर लिया गया है, AAIB के पास यह पता लगाने का रास्ता साफ हो गया है कि टेकऑफ के ठीक बाद ऐसा क्या हुआ जिसने AI-171 को नीचे गिरा दिया। यह एनालिसिस पायलटों के अंतिम संवाद से लेकर विमान की तकनीकी स्थिति तक सब उजागर करेगा। उम्मीद है कि यह डेटा जांच की दिशा को तय करने में निर्णायक भूमिका निभाएगा।

 Nationalbreaking.com । नेशनल ब्रेकिंग - सबसे सटीक
  • 12 जून को अहमदाबाद से लंदन जा रही एअर इंडिया की फ्लाइट AI-171 उड़ान भरने के तुरंत बाद क्रैश हो गई थी।
  • इस दर्दनाक हादसे में कुल 270 लोगों की मौत हुई थी, जिसमें 241 यात्री और क्रू शामिल थे।
  • ब्लैक बॉक्स के दोनों रिकॉर्डर – कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर (CVR) और फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर (DFDR) से डेटा सफलतापूर्वक रिकवर कर लिया गया है।
  • जांच एजेंसी AAIB अब इस डेटा का विश्लेषण कर यह पता लगाएगी कि टेकऑफ के तुरंत बाद विमान कैसे दुर्घटनाग्रस्त हुआ।
  • सरकार ने स्पष्ट किया है कि ब्लैक बॉक्स की जांच भारत में ही होगी और विदेशी लैब को भेजने की जरूरत नहीं पड़ी।
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