शनिवार, मई 2, 2026
spot_img
होमटॉप न्यूजब्राजील समिट में नहीं जाएंगे शी जिनपिंग, मोदी को मिली खास तवज्जो...

ब्राजील समिट में नहीं जाएंगे शी जिनपिंग, मोदी को मिली खास तवज्जो से उपजा कूटनीतिक तनाव

ब्राजील के रियो डी जेनेरियो में 6 और 7 जुलाई को होने वाली 17वीं BRICS समिट से पहले एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग इस बार इस वैश्विक मंच का हिस्सा नहीं बनेंगे। साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट (SCMP) की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि इस फैसले के पीछे भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को स्टेट डिनर के लिए भेजा गया विशेष निमंत्रण है, जिससे जिनपिंग कथित रूप से असहज महसूस कर रहे हैं।

ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला डी सिल्वा ने समिट के बाद विशेष भोज का आयोजन किया है, जिसमें मोदी को आमंत्रित किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, जिनपिंग को आशंका है कि इस आयोजन में उनकी उपस्थिति गौण रह सकती है और भारत को प्रमुखता मिल सकती है, जिससे वे असंतुष्ट हैं।

आधिकारिक वजह ‘व्यस्त शेड्यूल’

हालांकि, चीनी प्रशासन ने ब्राजील को यह जानकारी दी है कि जिनपिंग अपने व्यस्त कार्यक्रम के चलते समिट में शामिल नहीं हो पाएंगे। लेकिन इस स्पष्टीकरण के बावजूद कई राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम कूटनीतिक असंतोष को दर्शाता है।

सूत्रों के मुताबिक, इस फैसले ने ब्राजील के अधिकारियों को भी हैरान कर दिया है, जो चीन की निरंतर भागीदारी की उम्मीद कर रहे थे। शी जिनपिंग के राष्ट्रपति बनने के बाद यह पहली बार होगा जब वे BRICS समिट में शरीक नहीं होंगे। इससे पहले उन्होंने कोविड काल में भी वर्चुअली शिरकत की थी, लेकिन अनुपस्थित नहीं रहे।

प्रधानमंत्री ली कियांग होंगे प्रतिनिधि

चीनी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अब शी जिनपिंग की जगह प्रधानमंत्री ली कियांग BRICS समिट में चीन का प्रतिनिधित्व कर सकते हैं। ली कियांग पहले भी 2023 में भारत में आयोजित G20 सम्मेलन में जिनपिंग की जगह शिरकत कर चुके हैं।

हालांकि, चीन के विदेश मंत्रालय की ओर से अभी तक इसकी कोई औपचारिक पुष्टि नहीं की गई है। मंत्रालय के प्रवक्ता गुओ जियाकुन ने ब्राजील के अखबार ‘फोल्हा’ से कहा कि इस विषय में उपयुक्त समय पर आधिकारिक जानकारी साझा की जाएगी।

ब्राजील ने दी कूटनीतिक प्रतिक्रिया

ब्राजील के विदेश मंत्रालय ने इस पूरे घटनाक्रम पर सधी हुई प्रतिक्रिया दी है। उसने कहा कि वह विदेशी प्रतिनिधिमंडलों के आंतरिक निर्णयों पर टिप्पणी नहीं करेगा। हालांकि, सूत्रों की मानें तो ब्राजील के भीतर इस असहमति को लेकर असंतोष जरूर है।

यह भी सामने आया है कि पिछले एक साल में शी जिनपिंग और ब्राजील के राष्ट्रपति लूला डी सिल्वा दो बार आमने-सामने मिल चुके हैं—पहली बार नवंबर 2024 में दक्षिण अमेरिकी G20 समिट में और फिर मई 2025 में बीजिंग में आयोजित चीन-सेलाक फोरम में। यही कारण बताया जा रहा है कि शी को BRICS समिट में शरीक होना जरूरी नहीं लग रहा।

BRICS: उभरती शक्तियों का गठजोड़

BRICS यानी ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका—ये पांच देश मिलकर एक ऐसा मंच बनाते हैं, जिसका उद्देश्य आर्थिक, राजनीतिक और सामाजिक सहयोग को मजबूती देना है। इसकी शुरुआत 2009 में हुई थी, जबकि दक्षिण अफ्रीका 2010 में इससे जुड़ा।

अब इस समूह में मिस्र, इथियोपिया, ईरान, इंडोनेशिया और यूएई जैसे देशों को पूर्ण सदस्य के तौर पर शामिल किया गया है। वहीं बेलारूस, बोलीविया, कजाकिस्तान, क्यूबा, मलेशिया, नाइजीरिया, थाईलैंड, युगांडा और उज्बेकिस्तान जैसे देशों को पार्टनर स्टेट्स का दर्जा दिया गया है।

BRICS आज सिर्फ एक संगठन नहीं, बल्कि वैश्विक दक्षिण के देशों की आवाज बनता जा रहा है। शी जिनपिंग की अनुपस्थिति से इसके संदेश और दिशा पर असर पड़ सकता है, लेकिन चीन की रणनीति फिलहाल पर्दे के पीछे बनी हुई है।

 Nationalbreaking.com । नेशनल ब्रेकिंग - सबसे सटीक
  • चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग 6-7 जुलाई को ब्राजील में होने वाले BRICS समिट में हिस्सा नहीं लेंगे।
  • रिपोर्ट के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को स्टेट डिनर के लिए मिले विशेष निमंत्रण से जिनपिंग असंतुष्ट हैं।
  • चीन ने ब्राजील को ‘बिजी शेड्यूल’ का हवाला देते हुए शी की अनुपस्थिति की सूचना दी है।
  • शी की जगह चीनी प्रधानमंत्री ली कियांग सम्मेलन में चीन का प्रतिनिधित्व कर सकते हैं।
  • यह पहली बार होगा जब शी जिनपिंग BRICS बैठक से पूरी तरह अनुपस्थित रहेंगे, पहले वह वर्चुअली भी शामिल होते रहे हैं।
अन्य खबरें