रविवार, मई 3, 2026
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एयर इंडिया प्लेन क्रैश: 270 मौतों के जिम्मेदार कौन? कॉकपिट की बातचीत से उठे नए सवाल, रिपोर्ट्स में बड़ा दावा

अहमदाबाद एयर इंडिया हादसे में एक चौंकाने वाला दावा सामने आया है। 12 जून को लंदन जा रही फ्लाइट AI-171 के क्रैश से जुड़ी कॉकपिट रिकॉर्डिंग की जांच में सामने आया है कि सीनियर पायलट सुमीत सभरवाल ने खुद इंजन की फ्यूल सप्लाई ‘कट ऑफ’ की स्थिति में डाली थी। यह दावा अमेरिकी अखबार वॉल स्ट्रीट जर्नल (WSJ) ने अपनी ताज़ा रिपोर्ट में किया है।

को-पायलट ने पूछा- फ्यूल स्विच क्यों बंद किया?

वॉयस रिकॉर्डर की बातचीत के मुताबिक, जब विमान ने टेकऑफ किया तो कुछ ही पलों में को-पायलट क्लाइव कुंदर ने सीनियर कैप्टन से घबराई हुई आवाज़ में पूछा—‘आपने फ्यूल स्विच को CUTOFF पोजिशन में क्यों किया?’ उस वक्त कैप्टन शांत थे, लेकिन को-पायलट की आवाज में साफ घबराहट दर्ज हुई।

रिपोर्ट के मुताबिक, कैप्टन सुमीत सभरवाल के पास 15,638 घंटे की उड़ान का अनुभव था, जबकि को-पायलट कुंदर के पास 3,403 घंटे का उड़ान रिकॉर्ड था। दोनों पायलटों के बीच यह संवाद हादसे से ठीक पहले का है।

Air India Black Box
Air India Black Box

अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं

WSJ ने अपनी रिपोर्ट अमेरिकी जांच एजेंसियों के शुरुआती निष्कर्षों और उनसे जुड़े सूत्रों के हवाले से प्रकाशित की है। हालांकि इस पूरे मामले में अभी तक भारत के एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इनवेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB), DGCA, नागरिक उड्डयन मंत्रालय, एअर इंडिया या बोइंग की कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

भारत ने पहले ही जारी की थी रिकॉर्डिंग

12 जुलाई को भारत की जांच एजेंसी AAIB ने अपनी शुरुआती रिपोर्ट में कहा था कि फ्यूल स्विच ‘RUN’ से अचानक ‘CUTOFF’ हो गए थे, जिससे दोनों इंजन बंद हो गए। हालांकि, रिपोर्ट यह स्पष्ट नहीं कर सकी कि यह तकनीकी खराबी थी या मानवीय त्रुटि।

रिपोर्ट में बताया गया था कि कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर पर एक पायलट को दूसरे से पूछते सुना गया—‘तुमने फ्यूल क्यों बंद कर दिया?’ और जवाब में सामने आया—‘मैंने ऐसा नहीं किया।’ यह संवाद अब WSJ की रिपोर्ट से मेल खाता है, जिसने इस बयान को और पुख्ता कर दिया है।

एअर इंडिया का दावा- कोई तकनीकी खराबी नहीं

एअर इंडिया ने बुधवार को बयान जारी कर कहा कि उसके बोइंग-787 विमानों के फ्यूल कंट्रोल स्विच (FCS) में किसी तरह की कोई खराबी नहीं मिली है। कंपनी ने सभी FCS लॉकिंग फीचर की जांच की थी, जिसके बाद यह निष्कर्ष निकला।

साथ ही, एयरलाइन ने बताया कि सभी विमानों में थ्रॉटल कंट्रोल मॉड्यूल (TCM) भी बदले जा चुके हैं, जो FCS का ही हिस्सा है।

DGCA ने देश की सभी एयरलाइन कंपनियों को आदेश दिया था कि वे 21 जुलाई तक Boeing 737 और Boeing 787 विमानों के फ्यूल स्विच की जांच पूरी करें। एअर इंडिया के पास फिलहाल 33 बोइंग-787 ड्रीमलाइनर हैं।

पायलट संगठन की तीखी प्रतिक्रिया

एअर इंडिया के विमान हादसे की रिपोर्ट पर फेडरेशन ऑफ इंडियन पायलट्स (FIP) ने नाराज़गी जताई है। संगठन का कहना है कि बिना पूरी जांच के पायलटों पर आरोप लगाना न सिर्फ जल्दबाजी है, बल्कि पायलटों की छवि भी धूमिल करता है।

FIP के अध्यक्ष सीएस रंधावा ने कहा कि जांच रिपोर्ट को एकतरफा तरीके से पेश किया जा रहा है। रिपोर्ट में कॉकपिट रिकॉर्डिंग के चुनिंदा हिस्से शामिल कर पायलटों को दोषी ठहराने की कोशिश हो रही है, जबकि उन्हें जांच प्रक्रिया में उचित रूप से शामिल ही नहीं किया गया।

270 लोगों की जान गई थी

12 जून को अहमदाबाद से लंदन जा रही फ्लाइट AI-171, टेकऑफ के महज 32 सेकंड बाद एक मेडिकल हॉस्टल की इमारत से टकरा गई थी। इस भीषण हादसे में 270 लोगों की मौत हो गई थी। अब यह नया दावा और वॉयस रिकॉर्डिंग का खुलासा जांच के लिए बेहद अहम माने जा रहे हैं।

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