रविवार, मई 3, 2026
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बेंगलुरु भगदड़ पर सरकार की रिपोर्ट: RCB दोषी, कोहली का वीडियो भी जिक्र में, आयोजन रोकते तो दंगे की आशंका

4 जून 2025 को बेंगलुरु में हुई भगदड़ की घटना पर कर्नाटक सरकार की ओर से पेश की गई रिपोर्ट में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया गया है। हाईकोर्ट में दाखिल की गई इस रिपोर्ट में कहा गया है कि फ्रेंचाइजी ने बिना अनुमति विक्ट्री परेड का आयोजन किया, जिससे कानून-व्यवस्था पर असर पड़ा और 11 लोगों की जान गई। रिपोर्ट में विराट कोहली के उस वीडियो का भी जिक्र है, जिसमें उन्होंने शहरवासियों को आयोजन में आमंत्रित किया था।

RCB ने नहीं ली थी अनुमति

सरकारी रिपोर्ट के अनुसार, 3 जून को RCB ने पुलिस को केवल सूचना दी थी लेकिन कोई विधिवत अनुमति नहीं ली। कानून के अनुसार, सार्वजनिक कार्यक्रमों के लिए कम से कम सात दिन पहले मंजूरी लेना जरूरी है। पुलिस को भीड़ के अनुमान, लॉजिस्टिक्स, सुरक्षा इंतजामों की कोई जानकारी नहीं दी गई।

सोशल मीडिया से भीड़ का उबाल

RCB ने 4 जून की सुबह अपने सोशल मीडिया हैंडल से फ्री एंट्री की घोषणा कर दी। सुबह 8:55 बजे विराट कोहली का एक वीडियो पोस्ट किया गया, जिसमें बेंगलुरु के लोगों को परेड में शामिल होने को कहा गया। इसके बाद दोपहर 3:14 बजे फ्री पास की सूचना दी गई, जिसने लोगों को भ्रमित और उत्तेजित कर दिया।

bengaluru-stampede-case
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स्टेडियम से तीन लाख से अधिक लोग पहुंचे

रिपोर्ट में बताया गया है कि सोशल मीडिया पोस्ट्स को 44 लाख से अधिक बार देखा गया, जिससे अनुमानतः तीन लाख से ज्यादा लोग आयोजन स्थल पर जमा हो गए। जबकि स्टेडियम की क्षमता सिर्फ 35,000 थी। भीड़ को संभालने के लिए कोई विशेष व्यवस्था नहीं थी। गेट खोलने में हुई देरी और फ्री पास की अस्पष्ट जानकारी के चलते लोगों ने स्टेडियम के कई गेट तोड़ डाले। इससे भगदड़ मच गई।

कार्यक्रम रद्द नहीं करने का कारण

रिपोर्ट कहती है कि यदि कार्यक्रम को अचानक रोका जाता, तो भीड़ में हिंसा फैल सकती थी। इसलिए समय कम करके और सुरक्षा बढ़ाकर परेड को सीमित रूप से आगे बढ़ाया गया। यह फैसला भीड़ की गंभीरता और शहर की शांति बनाए रखने के उद्देश्य से लिया गया।

BCCI लोकपाल और ट्रिब्यूनल की नजर

इस मामले में सस्पेंड किए गए IPS अधिकारी विकास कुमार को CAT ने बहाल कर दिया। CAT ने अपने आदेश में कहा कि RCB द्वारा बिना पूर्व सूचना के इतनी भीड़ जुटाई गई थी, जो पुलिस के लिए असंभव स्थिति थी। वहीं BCCI लोकपाल न्यायमूर्ति अरुण मिश्रा ने RCB और कर्नाटक राज्य क्रिकेट संघ (KSCA) से इस मामले में जवाब तलब किया है। शिकायत में आरोप है कि आयोजकों ने सुरक्षा मानकों की अनदेखी की।

लाइसेंस रद्द करने की मांग

शिकायतकर्ता ने BCCI से अनुरोध किया है कि जब तक पूरी जांच न हो, तब तक मौजूदा मालिकों को फ्रेंचाइजी बेचने से रोका जाए। इससे पहले BCCI लोकपाल को RCB और KSCA की कथित लापरवाही पर विस्तृत शिकायत दी जा चुकी है।

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