पटना के एक प्रमुख निजी अस्पताल में भर्ती एक कैदी की कुछ बदमाशों ने गुरुवार को गोली मारकर हत्या कर दी। यह व्यक्ति बेऊर जेल से पैरोल पर इलाज के लिए आया था। घटना शास्त्री नगर थाना क्षेत्र स्थित पारस अस्पताल में हुई, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया। गोली लगते ही घायल कैदी की मौके पर ही मौत हो गई।
हत्या के मामले में था दोषी
मृतक की पहचान बक्सर निवासी चंदन मिश्रा के रूप में हुई है, जो 2011 में चर्चित राजेंद्र केसरी हत्याकांड में आजीवन कारावास की सजा काट रहा था। केसरी एक चूना व्यापारी थे, जिनकी दिनदहाड़े दुकान में गोली मारकर हत्या की गई थी। इस मामले में पटना हाईकोर्ट ने 2020 में चंदन मिश्रा और शेरू सिंह को दोषी ठहराया था।
पैरोल पर अस्पताल में था भर्ती
चंदन मिश्रा बीते 12 वर्षों से जेल में बंद था। वर्तमान में वह पटना के बेऊर जेल में सजा काट रहा था और स्वास्थ्य खराब होने के कारण 15 दिनों की पैरोल पर बाहर आया था। उसकी पैरोल 18 जुलाई को समाप्त होने वाली थी। इसी बीच, इलाज के दौरान अस्पताल में चार हमलावर दाखिल हुए और उसे बेड पर गोली मार दी।
बक्सर से कोलकाता तक भागा था चंदन
राजेंद्र केसरी की हत्या के बाद चंदन मिश्रा पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। वह लंबे समय तक फरार रहा और बाद में बक्सर पुलिस ने उसे कोलकाता से गिरफ्तार किया था। केस में सुरेंद्र मिश्रा सहित कई नामजद अभियुक्त भी सामने आए थे, जिन्होंने व्यापारी से रंगदारी के लिए फोन किया था।
हत्याकांड का पुराना कनेक्शन फिर उजागर
हत्या की वारदात में जिस तरह से अस्पताल के अंदर घुसकर गोली चलाई गई, उसने कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिस व्यक्ति को जेल में होना था, वो इलाज के नाम पर बाहर था, और उसे खुलेआम मार दिया गया। शुरुआती जांच में पुरानी रंजिश और गैंगवार की आशंका सामने आ रही है। पुलिस अब अस्पताल के CCTV फुटेज खंगाल रही है और हमलावरों की पहचान में जुटी है।

