शनिवार, मई 2, 2026
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छांगुर बाबा के 14 ठिकानों पर ED की रेड, 100 करोड़ की फंडिंग की जांच, बलरामपुर-मुंबई पहुंची टीमें

धर्मांतरण नेटवर्क के मास्टरमाइंड छांगुर बाबा उर्फ जलालुद्दीन के खिलाफ ईडी ने 100 करोड़ की कथित हवाला फंडिंग की जांच के तहत 14 स्थानों पर एक साथ छापेमारी की है। ईडी की टीम गुरुवार सवेरे करीब पांच बजे यूपी के बलरामपुर और महाराष्ट्र के मुंबई पहुंची।

बलरामपुर के उतरौला क्षेत्र में बाबा से जुड़े 12 ठिकानों और मुंबई के दो स्थानों पर छापे डाले जा रहे हैं। शुरुआती जांच में सामने आया है कि गिरोह के बैंक खातों में 68 करोड़ से ज्यादा की संदिग्ध लेनदेन हुई है। इसमें तीन महीनों के भीतर 7 करोड़ रुपये की विदेशी फंडिंग सीधे देश के अलग-अलग खातों में ट्रांसफर की गई।

बैंक खातों में करोड़ों की संदिग्ध एंट्री

ईडी सूत्रों के मुताबिक छांगुर बाबा और उसके नेटवर्क के नाम पर कुल 30 बैंक खातों की पहचान की गई है। इनमें से 18 खातों में अब तक करीब 68 करोड़ रुपये की गतिविधियां दर्ज की गई हैं। हवाला और मनी लॉन्ड्रिंग की आशंका को देखते हुए कई खातों को फ्रीज कर दिया गया है।

विदेश से जो पैसा आया है, उसमें दुबई, यूएई और शारजाह के बैंकों के जरिए एक्सिस बैंक, एसबीआई, एचडीएफसी और अल अंसारी एक्सचेंज जैसे चैनलों से लेनदेन हुआ। इस धन का इस्तेमाल बंगला, शो रूम, लग्जरी गाड़ियों और धार्मिक आयोजनों में किया गया।

मुंबई में शहजादा के ठिकाने पर छापा

ईडी ने मुंबई के बांद्रा इलाके में छांगुर का नजदीकी सहयोगी शहजादा के ठिकाने पर छापेमारी की है। शुरुआती जानकारी के अनुसार शहजादा के खाते में बलरामपुर निवासी नवीन के माध्यम से दो करोड़ रुपये की संदिग्ध फंडिंग की गई। ईडी को आशंका है कि यह पैसा धर्मांतरण नेटवर्क के संचालन के लिए इस्तेमाल किया गया।

फर्जी दस्तावेजों से पहचान छुपाई

जांच में यह भी सामने आया है कि गिरोह से जुड़े मुख्य आरोपी नीतू उर्फ नसरीन और नवीन उर्फ जमालुद्दीन ने धर्मांतरण के बावजूद दस्तावेजों में अपने हिंदू नाम बनाए रखे। आधार, पासपोर्ट, बैंक खातों और संपत्ति दस्तावेजों में फर्जी पहचान का उपयोग किया गया।

ईडी के पास मौजूद पासपोर्ट रिकॉर्ड बताते हैं कि दोनों ने अब तक 19 बार यूएई की यात्रा की है। एक बार साथ गए और लौटे अलग-अलग। वहीं, छांगुर बाबा ने भी फर्जी पासपोर्ट के जरिए दुबई यात्रा कर धर्मांतरण नेटवर्क की गतिविधियों को अंजाम दिया।

आतंकी कनेक्शन और ट्रेनिंग कैंप के सुराग

जांच एजेंसियों को जिन दस्तावेजों और फोटोज के सुराग मिले हैं, उनसे एक इमारत के आतंकी ट्रेनिंग कैंप के रूप में इस्तेमाल होने की संभावना जताई जा रही है। साथ ही विदेशी फंडिंग से बंगले, दरगाहों और उर्स जैसे आयोजन की भव्यता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

देशभर से जुड़े खातों का खुलासा

ईडी को जिन खातों की जानकारी मिली है उनमें नीतू और नवीन के नाम से बैंक ऑफ इंडिया, एचडीएफसी, आईसीआईसीआई, एसबीआई, पेटीएम बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा जैसे बैंकों में एक दर्जन से ज्यादा खाते हैं। इनमें से कई में संदिग्ध अंतरराष्ट्रीय ट्रांजैक्शन की पुष्टि हुई है।

इसके अलावा, छांगुर बाबा से जुड़ी कंपनियों और ट्रस्ट अस्वी इंटरप्राइजेज, अस्वी चैरिटेबल ट्रस्ट और बाबा ताज्जुद्दीन अस्वी बुटीक के खातों में करोड़ों की एंट्री मिली है।

डिग्री कॉलेज की आड़ में बिल्डिंग निर्माण

बलरामपुर में जिन ठिकानों पर रेड चल रही है, उनमें उतरौला का मधुपुर और रेहरामाफी गांव भी शामिल है। यहां सहयोगी दुर्गेश ने गलत तरीके से जमीन बेचकर छांगुर बाबा को 3 बीघा भूमि उपलब्ध कराई, जहां आलीशान बिल्डिंग बन रही थी। इस इमारत को डिग्री कॉलेज बताकर मंजूरी लेने की कोशिश की गई थी।

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