Friday, October 23, 2026
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वोटर वेरिफिकेशन पर महागठबंधन का बिहार बंद, ट्रेनें रोकी गईं, सुप्रीम कोर्ट में 10 जुलाई को सुनवाई

बिहार में बुधवार को महागठबंधन के आह्वान पर राज्यभर में बंद का व्यापक असर देखने को मिला। चुनाव आयोग द्वारा राज्य में वोटर लिस्ट वेरिफिकेशन के फैसले के विरोध में आयोजित इस बंद के दौरान कई शहरों में ट्रेनों को रोका गया और प्रमुख नेशनल हाईवे पर यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। राजधानी पटना से लेकर दरभंगा, भोजपुर, सुपौल, जहानाबाद और मधेपुरा जैसे जिलों तक इसका असर साफ नजर आया।

राहुल गांधी पटना पहुंचे, तेजस्वी के साथ मार्च

कांग्रेस नेता राहुल गांधी भी प्रदर्शन में शामिल होने दिल्ली से पटना पहुंचे। उनके साथ आरजेडी नेता तेजस्वी यादव और जन अधिकार पार्टी के पप्पू यादव भी रैली में शामिल हुए। इस मार्च की शुरुआत इनकम टैक्स चौराहे से हुई, जिसमें वाम दलों के नेता दीपांकर भट्टाचार्य भी शामिल थे।

ट्रेनें रोकी गईं, हाईवे बंद, आगजनी भी हुई

बंद के दौरान महागठबंधन कार्यकर्ताओं ने अलग-अलग इलाकों में रेल और सड़क यातायात को प्रभावित किया। भोजपुर में आरजेडी कार्यकर्ताओं ने श्रमजीवी एक्सप्रेस और विभूति एक्सप्रेस को कुछ मिनटों के लिए रोका। दरभंगा में नमो भारत ट्रेन को ट्रैक पर रोका गया। वहीं, बेगूसराय में कार्यकर्ताओं ने NH-31 को अवरुद्ध कर दिया, जबकि पटना के मनेर क्षेत्र में NH-30 को जाम कर प्रदर्शन किया गया और आगजनी की गई।

आरा-सासाराम रोड भी ठप, यात्रियों को परेशानी

आरा से सासाराम को जोड़ने वाला मुख्य मार्ग भी प्रदर्शन की चपेट में रहा। माले पार्टी के नेतृत्व में इस रास्ते को पूरी तरह से जाम किया गया, जिससे सैकड़ों वाहन फंसे रहे। विभिन्न जिलों—समस्तीपुर, मुजफ्फरपुर, कटिहार, सुपौल, मधेपुरा, मोतिहारी, वैशाली और औरंगाबाद—में यातायात की स्थिति बेहद बिगड़ गई, जहां आम लोग कई घंटों तक फंसे रहे।

महागठबंधन के 6 से अधिक दलों ने किया समर्थन

इस बिहार बंद में राष्ट्रीय जनता दल (RJD), कांग्रेस, वाम दल, जन अधिकार पार्टी (पप्पू यादव), वीआईपी पार्टी समेत महागठबंधन के छह से अधिक दलों ने सक्रिय भागीदारी की। प्रदर्शनकारियों ने जगह-जगह नारेबाजी की और आयोग के फैसले को जनविरोधी बताया।

सुप्रीम कोर्ट में 10 जुलाई को सुनवाई

इस मुद्दे पर एसोसिएशन ऑफ डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) की याचिका पर अब सुप्रीम कोर्ट सुनवाई करेगा। ADR ने आयोग के वोटर लिस्ट वेरिफिकेशन आदेश को चुनौती देते हुए 5 जुलाई को याचिका दायर की थी। कोर्ट ने 10 जुलाई को इस मामले को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया है।

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