संसद के मानसून सत्र का दूसरा दिन भी भारी हंगामे की भेंट चढ़ गया। बिहार में स्पेशल इंटेसिव रिविजन (SIR) के तहत वोटर्स लिस्ट की जांच पर विपक्षी दलों ने जोरदार विरोध किया। लोकसभा और राज्यसभा दोनों सदनों में विपक्ष ने इस मुद्दे को लेकर आवाज बुलंद की और चर्चा की मांग की।
लोकसभा शुरू होते ही स्थगित, फिर दोपहर तक नहीं चल सकी कार्यवाही
लोकसभा की कार्यवाही जैसे ही शुरू हुई, कुछ ही मिनटों में विपक्षी हंगामे के कारण सदन को पहले दोपहर 12 बजे तक और फिर 2 बजे तक के लिए स्थगित करना पड़ा। विपक्ष की मांग थी कि बिहार की वोटर लिस्ट में चल रही जांच और उसमें कथित गड़बड़ियों पर प्रधानमंत्री खुद जवाब दें।
संसद की सीढ़ियों पर राहुल और अखिलेश का विरोध प्रदर्शन
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव समेत कई वरिष्ठ नेताओं ने संसद भवन के मकर द्वार पर खड़े होकर विरोध जताया। उनके हाथों में पोस्टर थे और वे लगातार नारेबाज़ी करते रहे। ये प्रदर्शन संसद भवन की सीढ़ियों पर हुआ, जिसे मीडिया में भी काफी कवरेज मिला।
राज्यसभा में भी गूंजा बिहार वोटर लिस्ट मुद्दा
राज्यसभा में भी विपक्षी सांसदों ने इसी मुद्दे पर सरकार को घेरा। ‘लोकतंत्र खतरे में है’, ‘बिहार के वोटर के साथ नाइंसाफी’ जैसे नारे लगाकर सदन को बाधित किया गया। इस वजह से राज्यसभा की कार्यवाही भी बुधवार तक के लिए टाल दी गई।
सरकार ने कहा- चर्चा को तैयार, लेकिन हंगामा नहीं चलेगा
केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष के रवैये पर नाराजगी जताते हुए कहा कि सरकार चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन विपक्ष बिना चर्चा के हंगामा कर रहा है, जिससे जनता का पैसा बर्बाद हो रहा है। इससे पहले दिन की शुरुआत में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और विदेश मंत्री एस जयशंकर समेत कई वरिष्ठ मंत्रियों की बैठक भी हुई थी।

- संसद के मानसून सत्र के दूसरे दिन बिहार वोटर लिस्ट जांच पर विपक्ष ने जमकर विरोध किया।
- लोकसभा की कार्यवाही हंगामे के चलते दो बार स्थगित हुई, फिर 23 जुलाई तक टाल दी गई।
- राहुल गांधी और अखिलेश यादव समेत विपक्षी नेता संसद सीढ़ियों पर विरोध करते दिखे।
- राज्यसभा में भी नारेबाजी और चर्चा की मांग को लेकर हंगामा जारी रहा।
- सरकार ने विपक्ष पर जनता का वक्त और पैसा बर्बाद करने का आरोप लगाया।

