रविवार, मई 3, 2026
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बेनीवाल बोले- जो मेरा थैला उठाते थे, वो मंत्री बन गए, मेरी नजर उस कुर्सी पर है, जिससे लोगों का भला होता है

भरतपुर में रविवार को आयोजित जाट समाज की हुंकार सभा में RLP नेता और नागौर से सांसद हनुमान बेनीवाल ने खुद को मुख्यमंत्री पद का दावेदार बताते हुए सियासी हलकों में हलचल मचा दी।
उन्होंने स्पष्ट कहा, “जो मेरा थैला उठाते थे, वो मंत्री बन गए। लेकिन मेरी नजर उस कुर्सी पर है, जिससे लाखों लोगों का भला होता है, और वो है मुख्यमंत्री की कुर्सी।” साथ ही एक तंज भरे अंदाज़ में बोले, “अगर मुख्यमंत्री मेरा भाई बन जाए, तो मैं बारात में जाने को तैयार हूं, लेकिन दुल्हन यानी डिप्टी सीएम नहीं बनूंगा।”

वसुंधरा से लेकर गहलोत पर वार

बेनीवाल ने अपने पुराने सियासी सफर का जिक्र करते हुए कहा कि 2003 में वसुंधरा राजे ने उन्हें नागौर से टिकट देने की बात कही थी, लेकिन उन्होंने अपने पिता की पारंपरिक सीट मूंडवा से चुनाव लड़ने की इच्छा जताई। टिकट न मिलने पर निर्दलीय लड़े, हार भी गए, लेकिन घर नहीं बैठे।
उन्होंने कहा, “लड़ते-लड़ते वसुंधराजी को घर बैठा दिया।”
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के उस बयान पर भी बेनीवाल ने तीखा पलटवार किया, जिसमें गहलोत ने भजनलाल सरकार को गिराने की साजिश का आरोप लगाया था। बेनीवाल ने कहा, “अगर षड्यंत्र हो रहा है तो गहलोत जी को जरूर पता होगा, पिछली बार तो सरकार गिराने में वसुंधरा जी ने ही 8 विधायक दिए थे।”

दिल्ली में गठबंधन, राजस्थान में अलग पहचान

सभा में RLP नेता ने साफ किया कि राष्ट्रीय स्तर पर भले ही उनकी पार्टी इंडिया गठबंधन का हिस्सा हो, लेकिन राजस्थान में पार्टी की स्वतंत्र पहचान है। उन्होंने कहा, “दिल्ली का रास्ता भरतपुर होकर जाता है। सूरजमल और तेजाजी महाराज के जयकारों के साथ हम अगर एकजुट हो जाएं, तो दिल्ली तक राज हमारा होगा।”

SI भर्ती और आरक्षण को लेकर चेतावनी

SI भर्ती रद्द करने, RPSC के पुनर्गठन और भरतपुर, धौलपुर, डीग के जाट समाज को आरक्षण दिलाने की मांग को लेकर बेनीवाल ने सरकार को घेरा। उन्होंने ऐलान किया कि अगर सरकार ने उनकी मांगें नहीं मानीं, तो 1 लाख युवा दिल्ली की ओर कूच करेंगे और पीएम आवास का घेराव करेंगे।  उनका आरोप था कि भाजपा के कुछ नेता कांग्रेस से रात के अंधेरे में मुलाकात कर रहे हैं, जिससे SI भर्ती जैसे मुद्दे बार-बार टल रहे हैं।

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