जयपुर-अजमेर हाईवे (NH-48) पर मौखमपुरा के पास बुधवार सुबह एक मेथेनॉल से भरा टैंकर अनियंत्रित होकर पलट गया. हादसा होते ही टैंकर में भीषण आग लग गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक टैंकर के पलटते ही एक तेज धमाका हुआ और चंद मिनटों में ही पूरा टैंकर आग के गोले में तब्दील हो गया।
टैंकर ड्राइवर राजेंद्र उस वक्त केबिन में ही था और बाहर नहीं निकल पाया. कुछ ही पलों में वह आग की चपेट में आ गया। घटनास्थल पर मौजूद लोगों की मानें तो ड्राइवर चीखता रहा लेकिन तेज लपटों के कारण कोई पास नहीं जा सका।
दमकल देर से पहुंची, नहीं बची जान
स्थानीय लोगों ने तुरंत फायर ब्रिगेड को सूचना दी, लेकिन पहली दमकल करीब 45 मिनट बाद पहुंची. इस बीच आग ने पूरे टैंकर को अपनी गिरफ्त में ले लिया। आग पर काबू पाने के लिए मौके पर मोखमपुरा पुलिस और दमकल की टीम जुटी रही। ट्रैफिक रोककर दोनों ओर से हाईवे खाली कराया गया। फिलहाल NH-48 पर जाम की स्थिति बनी हुई है।
टैंकर हादसे बार-बार क्यों?
ये पहला मौका नहीं है जब हाईवे पर टैंकर से जुड़ा गंभीर हादसा हुआ हो. महज 18 दिन पहले—7 जून को दूदू इलाके में एक गैस टैंकर से रिसाव हुआ था। उस समय दमकल की 5 गाड़ियों और स्थानीय प्रशासन ने समय रहते हालात संभाल लिए थे, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई।
2024 में भी हुआ था बड़ा विस्फोट
सबसे बड़ा हादसा दिसंबर 2024 का माना जाता है, जब जयपुर-अजमेर हाईवे पर एक एलपीजी टैंकर में विस्फोट हो गया था। इस हादसे में 20 लोगों की मौत हुई थी और 35 से ज्यादा वाहन जलकर खाक हो गए थे।

