राजस्थान के श्रीगंगानगर में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने मंगलवार को एक बड़ी कार्रवाई करते हुए एक आवासीय अपार्टमेंट में संचालित हो रही एमडी ड्रग्स की अवैध फैक्ट्री का खुलासा किया। फ्लैट से मेफेड्रोन (जिसे आमतौर पर एमडी कहा जाता है) की करीब 780 ग्राम मात्रा जब्त की गई, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 2.34 करोड़ रुपये आंकी गई है। इस ऑपरेशन को जोधपुर ज़ोनल यूनिट की टीम ने अंजाम दिया।
गिरफ्तार हुए विज्ञान के दो शिक्षक
NCB की टीम ने रिद्धि-सिद्धि एनक्लेव स्थित ड्रीम होम्स अपार्टमेंट में छापा मारा, जहां से विज्ञान के दो शिक्षक गिरफ्तार किए गए। दोनों आरोपी एक स्थानीय स्कूल में पढ़ाते हैं और सप्ताहांत पर स्कूल की छुट्टियों में इस फ्लैट में आकर ड्रग्स तैयार करते थे। शुरुआती जांच में खुलासा हुआ है कि पिछले ढाई महीने में ये लोग करीब 5 किलो मेफेड्रोन बना चुके हैं, जिसमें से 4.22 किलो पहले ही सप्लाई की जा चुकी थी।
ड्रग्स लैब जैसी केमिकल यूनिट
फ्लैट की तलाशी में एक पूरी तरह सुसज्जित हाईटेक लैब मिली, जिसमें कई प्रकार के रसायन और उपकरण मौजूद थे। जब्त केमिकल्स में एसिटोन, बेंजीन, ब्रोमीन, आइसोप्रोपाइल अल्कोहल, सोडियम बाइकार्बोनेट और अन्य तकनीकी रसायन शामिल हैं। इनका इस्तेमाल एमडी ड्रग्स बनाने में किया जाता है। सूत्रों के अनुसार, ये केमिकल आरोपी दिल्ली से मंगवाते थे या स्थानीय लैब से जुटाते थे।
छुट्टी लेकर करते थे ड्रग्स प्रोडक्शन
NCB अधिकारियों ने बताया कि दोनों शिक्षक सामान्य सप्ताह के दिनों में स्कूल में कार्यरत रहते थे, लेकिन शनिवार-रविवार को फ्लैट में रुककर ड्रग्स तैयार करते थे। जरूरत पड़ने पर ये लोग स्कूल से छुट्टियां भी ले लेते थे ताकि बिना किसी संदेह के ड्रग्स निर्माण किया जा सके। इस पूरे ऑपरेशन की निगरानी महीनों से की जा रही थी, जिसके बाद टीम ने पुख्ता सूचना के आधार पर फ्लैट पर छापा मारा।
ड्रग नेटवर्क पर हो सकते हैं और खुलासे
पूछताछ में यह भी सामने आया है कि श्रीगंगानगर और आसपास के इलाकों में एक संगठित ड्रग सप्लाई नेटवर्क सक्रिय है, जिसकी कड़ियों को NCB जोड़ने में जुटी है। अधिकारियों का मानना है कि इस गिरोह के तार दिल्ली और पंजाब से भी जुड़े हो सकते हैं। जल्द ही इस मामले में और गिरफ्तारियां संभव हैं।

