राजस्थान में 1 जुलाई को 29 जिलों में बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग का कहना है कि 2 जुलाई से बंगाल की खाड़ी में बना नया लो-प्रेशर सिस्टम से राज्य में तेज बारिश की संभावना है। जून के अंत तक औसतन 50.7 मिमी बारिश होती है, लेकिन इस साल अब तक 119.4 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई है—जो सामान्य से 136% अधिक है।
बारिश कम, उमस ज़्यादा परेशान कर रही
बीते दो दिन में जहां बारिश की गतिविधियां कमजोर पड़ी हैं, वहीं उमस ने लोगों का हाल बेहाल कर रखा है। सोमवार को कोटा, उदयपुर, भीलवाड़ा, सीकर और हनुमानगढ़ जैसे जिलों में हल्की बारिश जरूर हुई, लेकिन ह्यूमिडिटी का स्तर 80 से पार रहा। जयपुर, जोधपुर और अजमेर में बादलों के बावजूद भी गर्मी और चिपचिपाहट बनी रही।
इन जिलों में हुई हल्की बारिश
पिछले 24 घंटों में उदयपुर के कोटड़ा में 34 मिमी, सीकर के रामगढ़ शेखावाटी में 16 मिमी, कोटा में 11 मिमी, धौलपुर के राजाखेड़ा में 10 मिमी और भरतपुर के पहाड़ी क्षेत्र में 15 मिमी बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा प्रतापगढ़, डूंगरपुर, चूरू और जालोर जैसे जिलों में भी बूंदाबांदी हुई।
श्रीगंगानगर में सबसे अधिक तापमान
राज्य के कुछ इलाकों में बारिश के अभाव में गर्मी अपने चरम पर पहुंच गई। श्रीगंगानगर में सबसे अधिक 40.3 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया। वहीं बीकानेर में 38.3, जैसलमेर में 38, फलोदी में 37 और जयपुर में 34.1 डिग्री तापमान रहा।
2 जुलाई से फिर सक्रिय होगा मॉनसून
मौसम विज्ञान केंद्र ने जानकारी दी है कि बंगाल की खाड़ी से उठा लो प्रेशर सिस्टम झारखंड से होते हुए राजस्थान की ओर बढ़ रहा है। 2 जुलाई से पूरे प्रदेश में बारिश की तीव्रता बढ़ने की संभावना है, विशेष रूप से बीकानेर, बाड़मेर, जैसलमेर और जोधपुर जैसे इलाकों में जहां अब तक बारिश की कमी रही है।

