पश्चिम एशिया के तनावपूर्ण हालात में जब ईरान और इजरायल के बीच संघर्ष विराम की दिशा में सकारात्मक संकेत मिले, तो इसका असर वैश्विक पूंजी बाजारों से लेकर भारतीय शेयर बाजार तक स्पष्ट रूप से नजर आया। गुरुवार 26 जून की सुबह घरेलू बाजार में खुलते ही निवेशकों ने जोखिम उठाने की इच्छा जताई और परिणामस्वरूप सेंसेक्स 9:30 बजे तक 468 अंक चढ़कर नई ऊंचाई की ओर बढ़ा। कुछ ही देर बाद यह 500 अंकों की छलांग के साथ 83,000 के ऊपर पहुंच गया—यह स्तर पहली बार छुआ गया।
इसी तरह, निफ्टी-50 में भी 114.95 अंकों की मजबूती देखने को मिली और यह 25,400 के ऊपर कारोबार करता नजर आया। घरेलू निवेशकों के मनोबल को बढ़ाने में इस सप्ताह जारी भू-राजनीतिक स्थिरता और अमेरिकी फेड की ओर से मौद्रिक नीति पर नरम रुख की अटकलों ने भी अहम भूमिका निभाई।
बजाज फाइनेंस टॉप गेनर, TCS में हल्की गिरावट
बाजार की मजबूती के केंद्र में बजाज फाइनेंस रहा, जिसमें 2.17% की बढ़त दर्ज की गई। इसके साथ ही भारती एयरटेल (1.82%), टाटा स्टील (1.47%) और बजाज फिनसर्व (1.02%) जैसे दिग्गज शेयरों ने भी निवेशकों को आकर्षित किया।
हालांकि, कुछ दिग्गज शेयरों में मुनाफावसूली देखने को मिली। महिंद्रा एंड महिंद्रा 0.71%, टीसीएस 0.28%, इन्फोसिस 0.23%, कोटक महिंद्रा बैंक 0.17% और एसबीआई 0.13% फिसले।
एशिया-पैसिफिक बाजार भी दिखे मजबूत
सीजफायर की प्रगति के असर से सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि जापान के निक्केई में 0.98% की तेजी और टॉपिक्स इंडेक्स में 0.48% की वृद्धि देखी गई। हालांकि, ऑस्ट्रेलिया का ASX 200 0.11% फिसला और दक्षिण कोरिया का कोस्पी 0.51% नीचे बंद हुआ। इसका संकेत है कि वैश्विक निवेशक सतर्क रहते हुए भी सकारात्मक संकेतों का लाभ उठा रहे हैं।
बुधवार को भी बाजार ने दिखाई थी मजबूती
एक दिन पहले बुधवार को भी घरेलू शेयर बाजार में बड़ी उछाल देखने को मिली थी। सेंसेक्स 700 अंकों की छलांग के साथ 82,755.51 पर बंद हुआ था, जो 0.85% की बढ़त को दर्शाता है। वहीं, निफ्टी 200.40 अंकों की बढ़त के साथ 25,244.75 पर बंद हुआ था।
बजाज ब्रोकिंग ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि निवेशक जोखिम लेने को तैयार हैं क्योंकि भू-राजनीतिक तनाव में कमी की उम्मीदें बढ़ी हैं। वैश्विक स्तर पर अमेरिका में S&P 500 में गिरावट, जबकि नैस्डैक में 0.31% की बढ़त दर्ज की गई। यह संकेत देता है कि टेक सेक्टर अभी भी निवेशकों के भरोसे पर खरा उतर रहा है।

